Site icon Sanjana Kirodiwal

Pasandida Aurat Season 2 – 1

Pasandida Aurat Season 2 – 1

Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal

अवनि को एयरपोर्ट छोड़कर सिद्धार्थ वापस घर के लिए निकल गया। गाड़ी में अकेला बैठा सिद्धार्थ अवनि के बारे में सोच रहा था। उसकी आँखों के सामने बार बार अवनि का चेहरा आ रहा था। सिद्धार्थ अवनि से प्यार करता था और इस बात का अहसास उसे अवनि से दूर जाकर हुआ लेकिन आज सिद्धार्थ ने अवनि की ख़ुशी के लिए अपने प्यार को कुर्बान कर दिया और अवनि को पृथ्वी के पास जाने दिया ,

जाने क्या दिया वह खुद अवनि को पृथ्वी के पास छोड़कर आया। गाड़ी ट्रेफिक में आकर रुकी और सिद्धार्थ अपनी उंगलिया अपने होंठो से लगाकर गहरी सोच में पड़ गया। घर जाकर वह कैसे अवनि के घरवालों को समझायेगा ?  

कैसे अपने माँ-बाप को समझायेगा ? सिद्धार्थ के लिए ये सब बहुत मुश्किल होने वाला था। ट्रेफिक जैसे ही क्लियर हुआ सिद्धार्थ ने अपनी गाड़ी बाँयी तरफ मोड़ी और आगे बढ़ गया। सिद्धार्थ का मन भारी होने लगा भले ही उसने अवनि की ख़ुशी के लिए उसे खुद से दूर कर दिया था लेकिन कही न कही अवनि को हमेशा के लिए खो देने का दुःख उसे भी था। पुल पर आकर सिद्धार्थ ने गाड़ी एक तरफ रोकी और बाहर चला आया। भारी मन के साथ वह पुल की रेलिंग के पास चला  आया और उदास आँखों से सामने देखने लगा।

सिद्धार्थ की आँखों में नमी तैर गयी उसने अपनी आँखों में भरे आँसुओ को रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन नहीं रोक पाया और एक गर्म आह के साथ सिद्धार्थ की आँखों में भरे आँसू बह गए। सिद्धार्थ वही खड़े होकर अपने मन के भारीपन को आँसुओ के जरिये बहाता रहा मन जब कुछ हल्का हुआ तो उसने अपने जेब से रूमाल निकाला और अपनी आँखे साफ करके गाड़ी की तरफ आया और दरवाजा खोलकर अंदर आ बैठा। सिद्धार्थ ने पास पड़ी बोतल उठायी पानी पीया और मन ही मन एक फैसला करके अवनि के घर के लिए निकल गया

सिद्धार्थ अवनि के घर पहुंचा और जैसे ही गाड़ी से नीचे उतरा सबने उसे घेर लिया और अवनि के बारे में पूछने लगे। सिद्धार्थ ख़ामोश रहा वह अंदर ही अंदर खुद को तैयार कर रहा था।
“अवनि कहा है सिद्धार्थ ? तुम उसे अपने साथ लेकर गए थे ना कहा है वो ?”,कौशल चाचा ने चिंतित स्वर में पूछा
“शादी छोड़कर तुम कहा चले गए थे और अवनि कहा है ?”,जगदीश जी ने कहा
“तुम चुप क्यों हो ? कहा है अवनि जवाब दो ?”,मयंक चाचा ने गुस्से से कहा

सिद्धार्थ ने एक नजर मयंक चाचा को देखा और फिर ख़ामोशी से अपनी नजरे झुका ली वह तय नहीं कर पा रहा था कि अवनि को लेकर इन सब से क्या कहे ?
सिद्धार्थ को खामोश देखकर गिरिजा जी उसके सामने आयी और कहा,”ये सब क्या है सिद्धार्थ तुम , तुम चुप क्यों हो और अवनि कहा है ?”
“अवनि अपनी सही जगह पर है मम्मी”,सिद्धार्थ ने अपनी चुप्पी तोड़ी। सब हैरानी से सिद्धार्थ को देखने लगे।

सुरभि भी हैरान थी कि आखिर सिद्धार्थ किस जगह की बात कर रहा है , कही सिद्धार्थ ने अवनि के साथ कुछ गलत तो नहीं किया सोचकर सुरभि का मन घबराने लगा और उसने सिद्धार्थ की बाँह पकड़कर उसे अपनी तरफ करके कहा,”सही जगह से क्या मतलब है तुम्हारा ? अवनि कहा है बताओ मुझे , ये सब लोग तुम्हारी मीठी मीठी बातो में आकर तुम्हे अपना सकते है लेकिन मैं तुम्हारी असलियत अच्छे से जानती हूँ , बताओ कहा है अवनि ?”
सिद्धार्थ ने सुना तो धीरे से मुस्कुराया और सुरभि की आँखों में देखते हुए कहा,”क्या तुम नहीं जानती अवनि को किसके साथ होना चाहिए ?”

सुरभि ने सुना तो सहसा ही उसे पृथ्वी की याद आयी , पृथ्वी भी तो अवनि की शादी में आया था इसका मतलब अवनि पृथ्वी के साथ है जैसे ही ये बात सुरभि को समझ आयी सुरभि ने सिद्धार्थ की तरफ देखा और मुस्कुरा दी। सिद्धार्थ बाकि सब से कुछ कहता इस से पहले ही मयंक चाचा ने आकर सिद्धार्थ की कोलर पकड़ी और गुस्से से कहा,”नाटक बंद करो और बताओ मुझे अवनि कहा है ? अगर उसे कुछ भी हुआ तो मैं तुम्हे ज़िंदा नहीं छोडूंगा समझे”

मयंक को गुस्से में देखकर सभी घबरा गए। गिरिजा ने तो हैरानी से अपना हाथ अपने मुँह पर रख लिया। जगदीश जी भी ये देखकर घबरा गए और मयंक को रोकने की कोशिश की तो मयंक ने गुस्से से कहा,”ये क्या तमाशा लगा रखा है आपके बेटे ने , पूछिए इस से अवनि कहा है ? ये लेकर गया था ना उसे तो पूछो इस से,,,,,,,,,,,!!”
“मयंक छोडो इन्हे क्या कर रहे हो ? ये इस घर के होने वाले दामाद है , मैं कहती हूँ छोडो इसे”,त्रिवेणी भुआ ने आकर कहा तो मयंक ने सिद्धार्थ को छोड़ दिया और गुस्से से पीछे हटकर कहा,”दामाद होने वाले है , हुए नहीं है भुआ”

“सिद्धू ! अवनि कहा है बताओ मुझे , तुम उसे अपने साथ लेकर गए थे ना कहा है वो ?”,कौशल चाचा ने एक बार फिर सिद्धार्थ से विनती करके पूछा
“अवनि यहाँ है”,एक कड़कदार आवाज सभी के कानों में पड़ी और सिद्धार्थ को छोड़कर सबने एक साथ घर के मेन गेट की तरफ देखा

घर के दरवाजे पर अवनि का हाथ थामे पृथ्वी खड़ा था। पृथ्वी को वहा देखकर सभी हैरान थे लेकिन सुरभि और दीपिका ने जैसे ही पृथ्वी को वहा देखा दोनों के चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। शादी में आये मेहमानो के बीच खुसर फुसर होने लगी। कौशल चाचा और बाकि सब घरवाले अवनि और पृथ्वी को देख रहे थे। पृथ्वी का हाथ थामे अवनि ने जैसे ही घर की दहलीज पर कदम रखना चाहा कौशल चाचा ने गुस्से से चिल्लाकर कहा,”वही रुक जाओ अवनि , खबरदार जो तुमने इस घर में कदम रखा”

अवनि ने जैसे ही सुना उसका पैर हवा में ही रह गया और वह फ़टी आँखों से कौशल चाचा को देखने लगी। उसकी आँखों में आँसू भर आये और दिल तेजी से धड़कने लगा। अवनि ने अपना कदम पीछे ले लिया , पृथ्वी भी हैरान था क्योकि उसने सोचा नहीं था घरवाले अवनि के खिलाफ होंगे।
“खबरदार जो तुम इस घर में आयी। ये सब करते हुए तुम्हे शर्म नहीं आयी। यहाँ तुम्हारी शादी का मंडप सजा है , घर मेहमानो से भरा हुआ है और आज फिर  तुम अपनी शादी का मंडप छोड़कर भाग गयी,,,,,,,,,!!”,कौशल चाचा ने गुस्से से कहा

“चाचाजी ! अवनि भागी नहीं है मैं आपको सब समझाता हूँ”,पृथ्वी ने कहा
कौशल चाचा ने जलती आँखों से पृथ्वी को देखा और कहा,”तुम्हे बीच में बोलने का कोई हक़ नहीं है पृथ्वी , अपना मुँह बंद रखो मैं अपनी भतीजी से बात कर रहा हूँ। जवाब दो अवनि आखिर क्यों किया तुमने ये सब ? अगर तुम्हे ये शादी करनी ही नहीं थी तो फिर क्यों तुमने शादी के लिए हाँ कहा , क्यों हम सबकी भावनाओ को फिर से आहत किया , क्यों किया ये सब ?”

अवनि ने सुना तो उसकी आँखों से आँसू बहने लगे , उसे अहसास हुआ कि उसने गलती तो की है और अपनी इस गलती से उसने सिर्फ सिद्धार्थ पृथ्वी का ही नहीं बल्कि घरवालो का भी दिल दुखाया है और एक बार फिर वह अपनी शादी का मंडप छोड़कर चली गयी थी। अवनि को  रोते देखकर पृथ्वी ने उसके हाथ को मजबूती से थाम लिया। अवनि ने भीगी आँखों के साथ पृथ्वी की तरफ देखा तो पृथ्वी ने धीरे से कहा,”घबराओ मत मैं हूँ”
पृथ्वी अवनि के साथ था लेकिन बाकि सब उसके खिलाफ थे और इस वक्त सबकी आँखों में अवनि के लिए शिकायत के भाव थे।

त्रिवेणी भुआ आगे आयी और कहा,”का रे छोरी ! ओह्ह्ह के करयो ,, सब क सामने थारा बाप-चाचा री इज्जत मिटटी म मिला दी,,,,,,,,,,,!!!”
“ऐसा नहीं है भुआजी मैं,,,,,,,,,,,,,!!”,अवनि ने रोते हुए कहा
मयंक चाचा जो कि अभी तक शांत थे उन्होंने अवनि की तरफ देखा और गुस्से से कहा,”ये सब इस लड़के ने किया है इसी ने बहकाया होगा अवनि को , मुझे तो इस पर तभी शक हो गया था जब भाईसाहब इसे घर लेकर आये थे,,,,,,,,,,,किसे पता था घर में मेहमान बनकर आया ये लड़का इसी घर की इज्जत पर हाथ डालेगा”

पृथ्वी ने सुना तो उसके दूसरे हाथ की मुट्ठी भिंच गयी और भँवे तन गयी लेकिन यहाँ उसने खुद को रोक लिया और अवनि की तरफ देखा क्योकि यहाँ बोलने की बारी अवनि की थी और पृथ्वी देखना चाहता था कि आज यहाँ अवनि उसका साथ देती है या नहीं। मयंक चाचा की बात सुनकर अवनि ने उन्हें देखा और कहा,”पृथ्वी को अपने लिए मैंने चुना है चाचाजी ! इसमें पृथ्वी की कोई गलती नहीं है,,,,,,,,,,!!”

“अगर तुमने पृथ्वी को चुना है तो फिर सिद्धार्थ यहाँ क्या कर रहा है ? ये शादी का मंडप यहाँ क्या कर रहा है ? इन सब लोगो को यहाँ क्यों बुलाया है हम लोगो ने तुम्हारी ये बेशर्मी दिखाने के लिए,.,,,,,,,,,,!!”,कौशल चाचा चिल्लाये
सिद्धार्थ जो अब तक चुप था वह आया और कहा,”अवनि ने कुछ गलत नहीं किया , मुझसे शादी करके जिंदगीभर आँसू बहाने से अच्छा है उसने सही वक्त पर ये शादी रोक दी और उसका हाथ थाम लिया जो सच में उसके लायक है,,,,,,,,,,,मैं इस बात को स्वीकार कर चुका हूँ अब आप लोग भी इसे स्वीकार कर अवनि को अंदर आने दीजिये। इस मंडप में मेरी अवनि की ना सही  

पृथ्वी और अवनि की शादी तो हो सकती है ना,,,,,,,,,,,,,गुस्सा थूक दीजिये अंकल और अवनि पृथ्वी को अपना आशीर्वाद देकर अपना लीजिये”
कौशल चाचा ने सुना तो सिद्धार्थ को घूरने लगे , मयंक आया और सिद्धार्थ को पीछे धकियाकर कहा,”ये क्या बकवास कर रहे हो तुम ? दिमाग तो ठीक है तुम्हारा , अवनि ने एक बार फिर इस घर की इज्जत मिटटी में मिला दी और तुम कह रहे हो हम सब उसे अपना ले,,,,,,,,,,!!”
“इस मंडप में अब कोई शादी नहीं होगी,,,,,,,,,!!!”,कौशल चाचा ने बुझे स्वर में कहा

जगदीश जी और गिरिजा जी शर्मिंदगी से अपना सर झुकाये खड़े थे आखिर वे करते भी क्या और कहते भी क्या क्योकि खुद सिद्धार्थ ने अवनि का हाथ पृथ्वी के हाथ में सौंपा था।

वही अवनि के सब घरवाले एक बार फिर उसके खिलाफ खड़े थे सिर्फ इसलिए क्योकि उसने एक बार फिर अपने परिवार वालो को समाज के सामने शर्मिन्दा किया था। अवनि सब सुन रही थी और रो रही थी। पृथ्वी ने उसे रोते देखा उसे बहुत तकलीफ हुई लेकिन पृथ्वी समझ रहा था कही न कही मालिक खानदान के दुःख का कारण आज अवनि थी।

कौशल चाचा ने अवनि की तरफ देखा और कहा,”अगर तुम्हे इस घर में आना है तो तुम्हे उसे छोड़ना होगा अवनि , तुम्हे फैसला करना होगा तुम्हे अपना परिवार चाहिए या ये लड़का ?”
अवनि ने सुना तो फ़टी आँखों से कौशल चाचा को देखने लगी , ये क्या कह रहे थे कौशल चाचा वे अवनि से पृथ्वी को छोड़ देने के लिए कह रहे थे। पृथ्वी ने सुना तो उसके चेहरे पर तकलीफ के भाव उभर आये उसने अवनि की तरफ देखा और अवनि का हाथ छोड़ दिया।

अवनि नम आँखों से एकटक पृथ्वी को देखते रही तो पृथ्वी ने अपना दिल मजबूत करके धीरे से कहा,”अवनि ! तुम जो फैसला करोगी मुझे मंजूर है,,,,,,,,,,,अगर तुम अपना परिवार चुनोगी तो मैं वादा करता हूँ चुपचाप यहाँ से चला जाऊंगा और जिंदगी में कभी तुम्हे अपना चेहरा नहीं दिखाऊंगा और अगर तुमने मुझे चुना तो मैं तुम्हारे लिए पूरी दुनिया लड़ जाऊंगा,,,,,,,,,,,फैसला तुम्हे करना है अवनि”

अवनि ने सामने खड़े अपने परिवार को देखा और उन्हें देखते हुए उसने पृथ्वी का हाथ थाम लिया और पृथ्वी की तरफ देखकर कहा,”मैं तुम्हे चुनती हूँ पृथ्वी और मुझे यकीन है मेरे इस फैसले को तुम कभी गलत साबित होने नहीं देंगे”

पृथ्वी ने सुना तो उसके दिल को सुकून मिला , वह मुस्कुराया और कहा,”बिल्कुल नहीं मैडम जी”
पृथ्वी ने अवनि का हाथ और मजबूती से थाम लिया अब तो वह पूरी दुनिया से अकेला लड़ने को तैयार था। कौशल चाचा और मयंक चाचा ने जब देखा कि अवनि एक अनजान लड़के के लिए अपना परिवार तक दांव पर लगा चुकी है तो उनका गुरुर टूट गया।

“चली जाओ यहाँ से , आज से इस घर के दरवाजे तुम्हारे लिए हमेशा हमेशा के लिए बंद हो चुके है”,कौशल चाचा ने गुस्से से चिल्लाकर कहा और वहा से चले गए। उनके जाते ही बाकि सब घरवाले भी अंदर चले गए सिर्फ सुरभि , सिद्धार्थ और सिद्धार्थ के घरवाले वहा खड़े थे।  

अवनि ने जब सुना तो अपना चेहरा अपने हाथो में छुपाकर फूट फूट कर रोने लगी आज फिर इस घर के दरवाजे अवनि के लिए बंद हो चुके थे। सुरभि ने अवनि को रोते देखा तो उसके पास आयी और उसे गले लगाकर कहा,”तुमने कुछ गलत नहीं किया अवनि,,,,,,,,,,प्लीज चुप हो जाओ”

सिद्धार्थ अपने मम्मी पापा को साथ लेकर वहा से जाने लगा ,जैसे ही पृथ्वी के बगल से निकला तो पृथ्वी ने सिद्धार्थ के कंधे पर हाथ रखकर उसे रोक लिया। पृथ्वी सिद्धार्थ से कुछ कहना चाहता था लेकिन उस से पहले सिद्धार्थ ने पृथ्वी की तरफ देखा और कहा,”अवनि का ख्याल रखना,,,,,,,,,!!”

पृथ्वी ने हामी में गर्दन हिला दी वह आगे कुछ कह ही नहीं पाया आज पहली बार वह सिद्धार्थ के सामने खुद को छोटा महसूस कर रहा था। सिद्धार्थ जैसे इंसान का दिल इतना बड़ा हो सकता है पृथ्वी ये देखकर हैरान था। पृथ्वी और अवनि ने एक दूसरे के लिए बहुत क़ुरबानी दी लेकिन असली क़ुरबानी तो सिद्धार्थ देकर जा रहा था। सिद्धार्थ वहा से चला गया।

अवनि खुद को सम्हाल चुकी थी पृथ्वी उसकी तरफ पलटा देखा अवनि की आँखों में अब भी आँसू है तो उसने जेब से अपना रूमाल निकाला और अवनि की तरफ बढ़ा दिया लेकिन अवनि उस रुमाल को लेती इस से पहले ही पृथ्वी ने रुमाल अपनी तरफ किया और अवनि के आँसू खुद ही पोछने लगा।

ऐसा करते हुए उसने अपने दिल को बहुत मजबूत किया हुआ था उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे वह बस ख़ामोशी से अवनि के आँसू पोछे जा रहा था। अवनि भीगी पलकें झपकाते हुए एकटक उसे देखे जा रही थी। पृथ्वी मजबूत इतना था कि किसी की मौत पर भी आँसू ना बहाये और कमजोर इतना था कि अवनि की आँखों में आँसू देखकर ही उसका दिल फटने लगता था। अवनि के आँसू पोछकर उसने अवनि का हाथ थामा और कहा,”चले ?”
अवनि ने कुछ नहीं कहा बस पृथ्वी के साथ चल पड़ी और सुरभि नम आँखों से दोनों को वहा से जाते हुए देखती रही,,,,,,,,,,,,,,,,!!!

( क्या अवनि के घरवाले करेंगे अवनि को माफ़ या भूल जायेंगे हमेशा के लिए अवनि के साथ अपना रिश्ता ? क्या अवनि से शादी टूट जाने का असर पड़ने वाला है सिद्धार्थ की जिंदगी पर ? पृथ्वी को चुनकर क्या अवनि ने बढ़ा ली है अपनी मुश्किलें ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत सीजन 2” मेरे साथ )

Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1

Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1Pasandida Aurat Season 2 – 1

संजना किरोड़ीवाल 

Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal
Pasandida Aurat Season 2 by Sanjana Kirodiwal
Exit mobile version