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Pasandida Aurat – 73

Pasandida Aurat – 73

Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal

अवनि ने तो पृथ्वी के आखरी मैसेज का जवाब नहीं दिया लेकिन सुरभि ने उसे जवाब भी दिया और अगले दिन सुबह 7 बजे सिरोही रेलवे स्टेशन पर मिलने को कहा। पृथ्वी को मैसेज भेजकर सुरभि ने ऐसे राहत की साँस ली जैसे कोई बहुत बड़ी टेंशन उसके सर से उतर गयी हो। सुरभि अपने दोनों हाथो को फैलाकर कुर्सी पर पसरी ही थी कि उसे अवनि की याद आयी और उसने जल्दी से सीधे बैठकर कहा,”पृथ्वी को मैंने हाँ कह तो दिया लेकिन अब अवनि को उस से मिलने के लिए कौन मनाएगा ?

क्या सुरभि तुम ना एक नंबर की गधी हो , तुम्हे पहले अवनि को मनाना चाहिए था अब अगर पृथ्वी सच में यहाँ आ गया और अवनि ने उस से मिलने से मना कर दिया तो , तो , तो , तो वो चिलगोजा सिद्धार्थ अवनि को शादी के लिए प्रपोज कर देगा और अवनि उसकी मीठी मीठी बातों इ आकर उसे हाँ भी कह देगी,,,,,,,,,,,अह्ह्ह्हह कोई आकर मुझे चार चाँटे मार दे बस , मैं हमेशा इतनी जल्दी में क्यों रहती हूँ ?”

सुरभि अपने बालों को नोचते हुए सोच ही रही थी कि तभी उसकी नजर पृथ्वी के जवाब पर गयी “ठीक है मैं कल सुबह 7 बजे आपसे सिरोही स्टेशन पर मिलूंगा , आज मैं बहुत खुश हूँ मैडम जी , thankyou”
“हहहहह ये तो आने के लिए तैयार भी हो गया अब मैं क्या करू ? इसे मना करू या फिर अवनि को मनाऊ ? अह्ह्ह्हह लगता है मैं पागल हो जाउंगी ,, सबसे पहले तो मुझे ये चैट डिलीट करनी चाहिए अवनि ने अगर देखा कि मैंने इसे सिरोही आने को कहा है तो वो तो मेरा खून ही कर देगी,,,,,,,,,,

हाह ! लेकिन पता तो तब चलेगा ना जब उसे कुछ सबूत मिलेगा,,,,,,,,,ये किया मैंने चैट डिलीट , और मिस्टर पृथ्वी पधारो म्हारे देश”,कहते हुए सुरभि ने एक बार फिर राहत की साँस ली और पृथ्वी की चैट डिलीट कर दी जिस से अवनि को कोई शक न हो।

अब सुरभि को बस अवनि को मनाना था ताकि वह कल सुबह स्टेशन जाकर पृथ्वी से मिलने के लिए राजी हो जाए। सुरभि जानती थी कि अवनि को कैसे खुश करना है , उसने लेपटॉप बंद किया और किचन की तरफ चली आयी। वह अवनि की पसंद का खाना बनाने लगी। अवनि के आने से पहले पहले सुरभि ने सब खाना बना लिया और टेबल पर सजा दिया। साथ ही उसने पूरा घर भी अच्छे से साफ कर दिया और खाने के साथ टेबल पर कुछ मोमबत्तिया भी सजा दी।

अवनि की तरफ से हाँ का जवाब मिलने के बाद पृथ्वी की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने जल्दी से अपना लेपटॉप बैग में रखा और सभी फाइल्स जयदीप को हैंडओवर करके ऑफिस से निकला गया। आज पृथ्वी ने ट्रेन का इंतजार नहीं किया बल्कि टेक्सी बुक की और घर के लिए निकल गया। पृथ्वी इतना खुश था कि उसने ये भी नहीं सोचा कि बाहर जाने को लेकर घरवालों से क्या कहेगा ? वह तो बस अवनि से मिलने के ख्याल से ही खुश था और मुस्कुराहट उसके चेहरे से जाने का नाम नहीं ले रही थी।

पृथ्वी फ्लेट पर आया और सबसे पहले सिरोही जाने के लिए फ्लाइट देखने लगा। पृथ्वी ने देखा सिरोही के लिए डायरेक्ट कोई फ्लाइट नहीं थी। आस पास का देखने पर पृथ्वी को उदयपुर के लिए फ्लाइट मिली और वहा से सिरोही जाने के लिए उसे ट्रेन मिल गयी। अब पृथ्वी को समझ आया कि अवनि ने उसे सिरोही के रेलवे स्टेशन मिलने को क्यों कहा ? पृथ्वी फ्लाइट बुक करने लगा लेकिन यहाँ भी दिक्कत थी फ्लाइट सुबह 2 बजे थी लेकिन पृथ्वी को अवनि से मिलना था इसलिए उसने उसी फ्लाइट को बुक कर दिया।

फ्लाइट बुक करने के बाद पृथ्वी उठा और कबर्ड खोलकर उसमे कपडे देखने लगा। उसके सारे नए कपडे तो लता के घर में थे यहाँ तो वह बस कुछ कपडे रखता था। पृथ्वी बिस्तर पर आ बैठा अगर घर से कपडे लेकर आएगा तो लता को सब बताना पडेगा कि कहा जा रहा है और उस से भी बड़ा सवाल क्यों जा रहा है ?
पृथ्वी सोच ही रहा था कि उसे नकुल की याद आयी और उसने नकुल को फोन लगा दिया। कुछ देर बाद नकुल ने फोन उठाया और पृथ्वी ने उसे बाइक लेकर अपने अपार्टमेंट के बाहर मिलने को कहा।

नकुल भी पृथ्वी का आज्ञाकारी दोस्त था इसलिए उस से कुछ पूछा नहीं और बाइक लेकर चला आया। पृथ्वी तब तक नीचे आ चुका था। वह नकुल के पीछे आकर बैठा और उसे मार्किट चलने को कहा।
“लेकिन हम मार्किट क्यों जा रहे है ?”,नकुल ने पूछा
“कपडे लेने”,पृथ्वी ने कहा
“ये तुझे अचानक कपड़ो की जरूरत क्यों पड़ गयी ?”,नकुल ने पूछा

“क्योकि कल सुबह मैं राजस्थान जा रहा हूँ”,पृथ्वी ने कहा और ये सुनकर नकुल ने एकदम से ब्रेक मारा जिस से पृथ्वी उस पर आ गिरा। पृथ्वी ने खुद को सम्हाला  , नकुल ने गर्दन घुमाई और कहा,”तेरा दिमाग तो सही है , एक लड़की से मिलने तू इतनी दूर जाएगा”
पृथ्वी ने नकुल के सर पर एक चपत लगाई और कहा,”वो सिर्फ एक लड़की नहीं है मेरी “पसंदीदा औरत” है यार , वो बुलाये तो मैं 7 समंदर पार चला जाऊ ये तो फिर भी राजस्थान है,,,,,,,,अब जल्दी चल मुझे और भी काम है”

“भाई लगता है तू उस राजस्थान वाली के प्यार में पागल हो गया है”,नकुल ने बाइक स्टार्ट करके आगे बढ़ाते हुए कहा
“हाँ ऐसा ही समझ ले,,,,,,,,!!”,पृथ्वी ने मुस्कुरा कर कहा
“तूने आंटी को बताया अपने राजस्थान जाने के बारे में ?”,नकुल ने पूछा  

“नहीं मैंने किसी को नहीं बताया है और ना ही मैं बताने वाला हूँ इसलिए तू सम्हाल लेना,,,,,,,,,,!!!”,पृथ्वी ने कहा
“अरे लेकिन मैं क्या कहूंगा उन से ?”नकुल ने हैरानी से कहा
“वो तेरा प्रॉब्लम है,,,,,,,बाइक साइड में रोक हम पहुँच चुके है”,पृथ्वी ने कहा और नकुल से बहस करते हुए मॉल के अंदर चला गया। पृथ्वी ने एक नयी जींस , सफ़ेद रंग की टीशर्ट और उस पर हरे रंग की हलकी जैकेट ली क्योकि मुंबई में तो इस वक्त सर्दी नहीं थी पर क्या पता राजस्थान में हो।

पृथ्वी ने नए जूते भी खरीद लिए , अच्छा अवनि से मिलने की ख़ुशी में वह अवनि के लिए तोहफा लेना ही भूल गया। पृथ्वी ने सब सामान लिया और फ्लेट पर चला आया। उसने सामान रखा और लता के पास खाना खाने चला आया। खाना खाकर पृथ्वी ने लता से झूठ कह दिया कि कल सुबह उसे ऑफिस के काम से पुणे जाना है। लता ने पृथ्वी की बात मान ली और पृथ्वी फ्लेट पर चला आया। नींद उसकी आँखों से कोसो दूर थी और एक एक मिनिट उसके लिए एक एक घंटे जैसा गुजर रहा था।

किचन में आकर उसने अपने लिए चाय चढ़ा दी और जब तक चाय बनी पृथ्वी पुरे घर में घूमते हुए जोर जोर से गाना गा रहा था। आज पृथ्वी बहुत खुश था और ये ख़ुशी थी अवनि से मिलने की,,,,,,,,,,,चाय लेकर वह बालकनी में चला आया और अपनी पीठ रेलिंग से लगाकर चाय पीने लगा।

 सिरोही , राजस्थान
अवनि को आज बैंक से घर आते आते रात हो गयी। सुरभि अकेली होगी सोचकर वह परेशान भी हो रही थी इसलिए जल्दी जल्दी घर आयी और रास्ते से सुरभि के लिए कुछ पेस्ट्री भी खरीद ली। अवनि सब लेकर घर पहुंची और जैसे ही अंदर आयी , घर को साफ सुथरा और जमा हुआ देखकर हैरान रह गयी। सुरभि मुस्कुरा रही थी। अवनि अंदर आयी अपना पर्स और सामान सोफे पर रखा और देखा टेबल पर पहले से खाना तैयार रखा है और साथ ही सुरभि ने उसे केंडल लाइट डिनर की तरह सजाया है। अवनि ने सुरभि की तरफ देखा और कहा,”ये सब तुमने किया है ?”

“जी हाँ”,सुरभि ने ख़ुशी भरे स्वर में कहा
“आज कोई स्पेशल दिन है क्या सुरभि ?”,अवनि ने अपने गले से आई डी कार्ड निकालकर कहा
“अमममममम ! स्पेशल दिन तो नहीं है लेकिन हम मिलकर इसे स्पेशल बना सकते है अवनि , इतने दिनों से तुम परेशान थी तो सोचा आज तुम्हे थोड़ा खुश कर दू इसलिए मैंने ये सब खुद बनाया है तुम्हारे लिए,,,,,,,अब जाओ जल्दी से चेंज करके आओ तब तक मैं ये केंडल्स जलाती हूँ”,सुरभि ने कहा

“थैंक्यू सुरभि ! अह्ह्ह्ह इस बैग में तुम्हारे लिए पेस्ट्री है तुम इन्हे निकाल लो मैं बस अभी आयी”,अवनि ने बैग सुरभि की तरफ बढाकर कहा और अपने कमरे में चली आयी। अवनि इतना बिजी थी कि उसने दोपहर बाद अपना फोन चेक किया ही नहीं और उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि कल सुबह पृथ्वी उस से मिलने सिरोही आ रहा है। अवनि ने कपडे बदले और बाहर चली आयी तब तक सुरभि केंडल्स जला चुकी थी और खाने से साथ साथ उसने अवनि की लायी पेस्ट्री भी रख ली। अवनि टेबल के दूसरी तरफ आ बैठी तो सुरभि ने कहा,”शुरू करे ?”

“हम्म्म्म,,,,,,,,!!”,अवनि ने मुस्कुरा कर कहा
सुरभि ने अपने फोन में अवनि की पसंद का बहुत ही पुराना सा गाना चला दिया और उसे सुनते हुए दोनों खाने का लुफ्त उठाने लगी। सुरभि ने सब बहुत अच्छा बनाया था और अवनि खाते हुए उसकी तारीफ कर रही थी। दोनों ने बातें करते हुए खाना खाया और अवनि सुरभि की बातों पर खूब हंस रही थी। आज कितने दिनों बाद अवनि दिल से खुश थी और ये ख़ुशी सुरभि की वजह से थी।

खाना खाने के बाद सारे बर्तन अवनि ने धोये और फिर हॉल में चली आयी। सुरभि ने फ्रीज में रखी आईस क्रीम निकाली और दो कटोरी में डालकर ले आयी। एक सोफे पर बैठी अवनि को दी और खुद अपनी कटोरी लेकर उसके सामने कालीन पर आ बैठी। खाते खाते सुरभि की नजर हॉल में लगी दिवार घडी पर पड़ी जो कि रात के 11 बजा रही थी। सुरभि को याद आया कि कुछ घंटों बाद पृथ्वी राजस्थान में होगा। उसने अवनि की तरफ देखा जो कि बहुत ही इत्मीनान से अपनी आइस क्रीम खा रही थी। सुरभि को समझ नहीं आ रहा था कि वह अवनि को पृथ्वी के आने के बारे में कैसे बताये ?  

सुरभि जानती थी अगर वह प्यार से कहेगी तो अवनि उसकी बात कभी नहीं मानेगी इसलिए उसने अपना दिमाग लगाकर कहा,”अच्छा अवनि एक बात बताओ , तुम्हे पृथ्वी में कोई इंट्रेस्ट नहीं है ना ?”
अवनि ने सुना तो सुरभि की तरफ देखा और कुछ देर बाद कहा,”नहीं,,,,,,,,,वो बस मेरा अच्छा दोस्त है”
“मतलब तुम्हे कभी उस से प्यार व्यार नहीं होगा , राइट ?”,सुरभि ने अवनि को बातो में उलझाते हुए कहा
“हाँ नहीं होगा”,अवनि ने कहा

“और तुम कभी उस से मिलोगी भी नहीं , इन्फेक्ट फिर तो तुम्हे इस बात से कोई फर्क भी नहीं पड़ेगा कि कोई और उस से मिले या प्यार करे ?”,सुरभि ने कहा
“कोई और कौन ? तुमने फिर कुछ गड़बड़ की है ?”,अवनि ने सुरभि को देखते हुए शक भरे स्वर में पूछा
“मैं क्या गड़बड़ करुँगी , मैं तो बस ये कह रही हूँ कि अगर तुम्हे पृथ्वी में इंट्रेस्ट नहीं है तो फिर तुम उस से मिलना क्यों नहीं चाहती ? क्या तुम्हे खुद पर भरोसा नहीं है कि उस से मिलकर कही तुम्हे प्यार ना हो जाए ?”,सुरभि ने कहा

“मुझे भरोसा है और मुझे ये भी पता है कि ऐसा कभी नहीं होगा , रही बात उस से मिलने की तो मुझे उसके साथ रहकर भी उस से प्यार नहीं होगा”,अवनि ने थोड़ा चिढ़कर कहा
“हाहाहहाहा मैं मान ही नहीं सकती , अगर ऐसा होता तो तुम उस से मिलने से मना क्यों करती ?”,सुरभि ने अवनि को अपनी बातों में फसाते हुए कहा
“मैं उस से मिल सकती हूँ , और उस से मिलकर भी मुझे उस से प्यार नहीं होगा सुरभि,,,,,,,”,अवनि ने कहा
“हाह ! जाने दो अवनि मैं नहीं मानती,,,,,,,!!”,सुरभि ने अवनि का मजाक उड़ाते हुए कहा

“तुम मुझे चेलेंज कर रही हो ?”,अवनि ने सुरभि को घूरकर थोड़ा गुस्से से कहा
“हाँ कर रही हूँ तो , तुम पृथ्वी से नहीं मिल सकती , नहीं मिल सकती , नहीं मिल सकती”,सुरभि ने भी अवनि को घूरकर थोड़ा गुस्से से कहा और अपनी आइसक्रीम खाने लगी
“मैं उस से मिल सकती हूँ”,अवनि ने कठोरता से कहा
सुरभि अपनी आइसक्रीम खत्म कर चुकी थी इसलिए उठी और बेपरवाही से कहा,”तो ठीक है फिर कल सुबह 7 बजे उसे पिक करने स्टेशन चली जाना”

“हाह ! क्या ?”,अवनि ने हैरानी से कहा जैसे किसी ने उसे पहाड़ से धक्का दे दिया हो। सुरभि इतना कहकर किचन की तरफ बढ़ गयी तो अवनि उठी और उसके पीछे आकर कहा,”अभी क्या कहा तुमने ?”
सुरभि अवनि की तरफ पलटी और मुस्कुराकर बड़े ही प्यार से कहा,”मैंने कहा कल सुबह 7 बजे उसे पिक करने स्टेशन चली जाना”

अवनि ने सुना तो उसका दिल धड़कने लगा। उसके चेहरे पर परेशानी के भाव थे और वह हैरानी से सुरभि को देख रही थी। वह जल्दी से सोफे की तरफ आयी और अपना फोन देखा तो पृथ्वी का मैसेज था। अवनि ने काँपती उंगलियों से मैसेज खोलकर देखा तो उसमे लिखा था “On The Way ! मैडम जी”
अवनि ने मैसेज पढ़ा और खा जाने वाली नजरो से सुरभि को देखा लेकिन सुरभि तो इतना प्यारा कांड करके मुस्कुरा रही थी।

अवनि को समझ नहीं आया कि वह पृथ्वी से अब क्या कहे ? पृथ्वी शायद घर से निकल चुका था इसलिए अवनि उसे मना भी नहीं कर सकती थी और अगर मना करती है तो फिर उसे वो सब एक्सप्लेन करना पड़ा जो सुरभि ने किया लेकिन सुरभि ने क्या कांड किया अवनि ये भी तो नहीं जानती थी। वह अपना फोन हाथ में पकडे सुरभि की तरफ आयी और कहा,”इसने On The Way” क्यों लिखा है ?
“ओह्ह्ह्हह लगता है वो तुमसे मिलने आ रहा है अवनि,,,,,,वो सच में कितना क्यूट है यार”,सुरभि ने ख़ुश होकर कहा

“क्यूट की बच्ची तुमने उस से ऐसा क्या बोला है जो वो मुंबई से इतनी दूर चला आ रहा है ?”,अवनि ने परेशानी भरे स्वर में कहा
“मैंने कुछ नहीं किया उसने पूछा कि “मैडम जी ! आप मुझसे मिलेंगी न ?” तो मैंने बस हाँ लिखकर उसकी थोड़ी सी मदद कर दी”,सुरभि ने अपने नाख़ून पर फूंक मारते हुए बेपरवाही से कहा
अवनि ने सुना तो हैरानी से सुरभि को देखने लगी और फिर चिढ़कर कहा,”अच्छा वो तुम्हारा इतना सगा हो गया जो उसकी मदद करने चली हो , वो भी ऐसी मदद”

अवनि की बात सुनकर सुरभि ने मुँह बना लिया और कहा,”सगा और वो भी मेरा हरगिज नहीं,,,,,,बल्कि उसने तो मुझे बनारस में नीचे गिरा दिया था , हाह ! कितना ऐटिटूड है उसमे,,,,,,,,,लेकिन वो तुम्हारे लिए परफेक्ट है”
“तुम्हारा ना दिमाग खराब हो गया है सुरभि , तुम , तुम उसे ऐसे मिलने के लिए कैसे कह सकती हो ?”,अवनि ने उलझनभरे स्वर में कहा
“अभी तुमने कहा कि तुम्हे उस से मिलने में कोई प्रॉब्लम नहीं है , और मुझे एक बात बताओ क्या वो बुरा इंसान है ?”

– नहीं
“क्या उसने कभी तुम्हारे साथ कोई बदतमीजी की ?”
– नहीं
“क्या उसने कभी अपनी बातो से तुम्हे हर्ट किया ?”
– नहीं
“क्या उसने कभी तुम से गलत फ्लर्ट किया ?”
– नहीं

“तो फिर तुम इतने अच्छे लड़के से मिलने से इंकार कैसे कर सकती हो अवनि ?”,सुरभि ने हताश होकर कहा
“सुरभि लेकिन,,,,,,,,,!!”,अवनि ने कहना चाहा तो सुरभि ने उसकी बात बीच में काटकर कहा,”अवनि ! गलत इंसान पर जब अपना इतना वक्त बर्बाद कर सकती हो एक बार सही इंसान पर अपनी जिंदगी के 12 घंटे खर्च करके देख लो , क्या पता वो 12 घंटे तुम्हारी जिंदगी का सबसे खूबसूरत वक्त बन जाए”

इतना कहकर सुरभि आगे बढ़ गयी , अवनि कुछ देर खामोश रही और फिर सुरभि की तरफ देखकर कहा,”तुम्हे ये 12 घंटे वाली बात कैसे पता ?”
सुरभि पलटी और अपनी एक आँख बंद करके शरारत से कहा,”वो एक्चुली मैंने तुम्हारी थोड़ी सी चैट पढ़ ली थी”
“तुम्हे तो मैं,,,,,,,,,,,,!!”,कहते हए अवनि सुरभि की तरफ आयी और सुरभि खुद को अवनि से बचाने के लिए उसके आगे भागने लगी

( क्या पृथ्वी सुरभि के दिए टाइम पर सिरोही पहुँच पायेगा ? क्या सुरभि अवनि को मना पायेगी पृथ्वी से मिलने के लिए ? इतने अच्छे डिनर और आइसक्रीम के बाद क्या सुरभि खाने वाली है अवनि से मार ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “पसंदीदा औरत” मेरे साथ )

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संजना किरोड़ीवाल  

Pasandida Aurat by Sanjana Kirodiwal
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