Manmarjiyan Season 4 – 11
गोलू ने 10 मिनट सोचने के बाद मंगल फूफा से वही बात कही जो गुप्ता जी ने कही थी “अपना बोरिया बिस्तर उठाओ और भाग जाओ हिया से”
गोलू के मुंह से ये सुनकर मंगल फूफा ने भड़ककर कहा,”अरे पिछले 10 मिनट मा का जे ही हल निकाले तुमहू गोलू , भूल गए हमहू कौन है ? अरे उह्ह्ह तो फुलवारी का प्रेम मा हमायी जे हालत हुई गयी वरना पेंट मा ना मूत देते तुम और तुम्हरे पिताजी”
गोलू ने सुना तो मंगल फूफा के कानों को पकड़ा और कहा,”चिल्ला , चिल्ला काहे रहे हो ? करते है कुछो प्रबंध,,,,,,,,,शांति रखो थोड़ा”
“तुमने का हमको ठरकी समझ लिया है गोलू हमहू सिर्फ फुलवारी के है हमको कोनो शांति वान्ति नाही चाहिए समझे”,मंगल फूफा ने मुँह बिचकाकर कहा
गोलू ने अपना ही सर पकड़ा और दाँत पीसकर कहा,”हे राम ! का करे जे आदमी का ?”
गोलू मंगल की तरफ पलटा और कहा,”अबे बिना ढक्कन के डिब्बे हमहू शांति की बात कर रहे है पीस पीस की बात कर रहे है और अब बीच मा बोले ना तो तुमको रेस्ट इन पीस करके जेल चले जायेंगे”
मंगल फूफा को कुछ समझ नहीं आया वे तो बस गोलू का मुँह देखते रहे तो गोलू ने झल्लाकर खुद से ही कहा,”पता नहीं साला सुबह सुबह किसका मुँह देखे रहे,,,,,,,,,,किसका का ? खुद का ही देखे रहे,,,,,,,,!!!”
गोलू फिर मंगल फूफा के बारे में सोचने लगा तभी पिंकी गोलू का फोन अपने हाथ में लिए बाहर आयी और कहा,”गोलू ! जे तुम्हरा फोन कब से बजे जा रहा है ल्यो बात करो”
“किसका फोन है ?”,गोलू ने पिंकी के हाथ से फोन लेकर पूछा
पिंकी ने एक नजर गोलू को देखा और जबरदस्ती मुस्कुराकर कहा,”हमाई सौतन का”
गोलू ने स्क्रीन पर गुड्डू का नाम देखा तो कहा,”अरे जे तो गुड्डू भैया का फोन है”
“हाँ तो हमसे ज्यादा तो गुड्डू के साथ रहते हो तुम”,कहकर पिंकी अंदर चली गयी और अगले ही पल गोलू चिल्लाया,”ए पिंकिया ! तुमहू भी का पिताजी की तरह हमको ताना मार रही हो ? अरे गुड्डू भैया के साथ बिजनेस शुरू किये है तो ओह्ह के साथ ही रहेंगे ना,,,,,,,साला सौत बनाये दे रहे सब ओह्ह्ह का”
गोलू फोन उठाता तब तक फोन कट चुका था और जैसे ही गोलू की नजर गुड्डू के नाम पर पड़ी गोलू के दिमाग की बत्ती जली और वह फूफा की तरफ देखकर मुस्कुराया और कहा,”फूफा तुमहाओ इंतजाम हुई गवा”
गोलू मुस्कुराते हुए आड़ा टेढ़ा चलकर फूफा की तरफ आया तो फूफा ने जल्दी से अपनी शर्ट के बटन बंद किये और घबराकर कहा,”ए ए ए गोलू देखो तुमहू जैसा सोच रहे हो ना हमहू वैसे आदमी नाही है , हमहू समझते है जवानी मा लड़के बहक जाते है पर इतना भी नाही बहकना होता कि आदमी और औरत मा फर्क ना कर पाओ”
गोलू ने सुना तो उसे समझ आया फूफा उसे कुछ और ही समझ रहे है तो गोलू भड़ककर बोला,”अबे का बक रहे हो फूफा का दलाल समझ लिए हो हमका , अबे हमहू तुम्हरे रहने के इंतजाम की बात कर रहे है,,,,,,,,,पुरे कानपूर मा जे बख्त एक ही इंसान है जो तुमको रख सकता है। चलो हमरे साथ”
“कहा ?”,मंगल फूफा ने हैरानी से कहा
“फूफा तुमहू पेड़ गिनो आम न खाओ समझे,,,,,,,,चलो अब”,गोलू ने मंगल फूफा का सामान समेटते हुए कहा
अरे गोलू आम खाओ पेड़ न गिनो होता है,,,,,,,,कहावत तो ठीक से कहो”,फूफा ने बचा सामान उठाते हुए कहा
“एक काम करो तुमहू ना आम खाओ ना पेड़ गिनो,,,,,,,,,,वो रहा रास्ता सीधा भाड़ मा जाओ,,,,,,,,,,,तुमको हमरी मदद चाहिए कि हमरी कहावत , मास्टर लगे हो हिंदी के ?”,गोलू हाथो में पकडे सामान को फेंककर चिल्लाया
“ए ए ए गोलू जाय दयो हम तो बस,,,,,,,,,अच्छा चलो कहा चलना है ?”,मंगल फूफा ने कहा
गोलू ने सब सामान उठाकर फूफा को दिया और अपनी स्कूटी चालू कर पीछे बैठने का इशारा किया।
कुछ देर बाद ही गोलू मंगल फूफा को लेकर पहुंचा अपनी दूकान पर , मंगल फूफा नीचे उतरे और गोलू भी स्कूटी साइड में लगाकर मंगल के पास चला आया। गोलू ने देखा गुड्डू चाय की टपरी के पास बेंच पर बैठा है तो उसने मंगल फूफा से कहा,”उह्ह रहे गुड्डू भैया , चलो आओ ! एक ठो गर्मागर्म मीटिंग करवाते है तुम्हायी उनके साथ”
गोलू मंगल फूफा को साथ लेकर गुड्डू के पास आया।
गुड्डू एक हाथ में चाय का गिलास पकडे दूसरे हाथ से उसमे बिस्कुट डुबो ही रहा था कि गोलू ने गुड्डू के कंधे पर हाथ मारकर कहा,”का गुड्डू भैया ? अकेले अकेले चाय पी रहे हो”
गुड्डू के हाथ में पकड़ा बिस्कुट चाय में जा गिरा ये देखकर गुड्डू का चेहरा गुस्से से भर गया , ऊपर से गोलू की आवाज ने गुड्डू का गुस्सा और बढ़ा दिया वह चाय हाथ में पकडे गोलू की तरफ पलटा और कहा,”सुबह से कहा थे बे ? कौनसे बिल मा घुसे हुए थे कि हमरा फोन तक नाही उठाये”
“अरे का बताये गुड्डू भैया सुबह सुबह कित्ता बड़ा कांड हुई गवा”,गिलू ने हैरानी भरे स्वर में कहा
“ऐसा कोनो दिन गवा है गोलू कि तुमहू कोनो काण्ड ना किये हो , अब का कर दिए ?”,गुड्डू बेंच से उठकर चिल्लाया
“अरे हम का किये ? पिताजी ने हमको ईंटा मारी हमहू झुक गए तो ईंटा जाकर लगा यादववा को,,,,,,,,,,!!”,गोलू ने कहा
“तुम्हाये पिताजी तुमको ईंटा काहे मारे ?”,गुड्डू ने पूछा
“अरे उह्ह्ह का है ना गुड्डू हम और गोलू छत पर थे , तभी हमको धड़ाम की आवाज आही रही। हम भागकर नीचे आये तो देखा एक चोर घर के बगीचे में घुसा है”,गोलू से पहले मंगल फूफा ने बोल पड़े तो गोलू ने उन्हें पीछे करके कहा,”हमहू चोर समझ के जिसको पेले वो पिताजी निकले”
“ठीक है पर तुम दोनों छत पर का कर रहे थे ?”,गुड्डू ने फिर हैरानी से पूछा
“चाँद देखने गए थे,,,,,,यादव के घर के आँगन मा , लाल साड़ी मा का खूबसूरत चाँद था,,,,,,,,,,हमायी तो आँखे ही खुल गयी”,मंगल फूफा ने फिर से बीच में अपनी नाक घुसेड़कर कहा तो गोलू ने कहा,”घुसंड मारकर अभी बंद कर देंगे तुम्हायी आँखे,,,,,,,!!!
“अबे गोलू तुमको पता नहीं चला उह्ह चोर तुम्हारे पिताजी है”,गुड्डू ने कहा
“अरे अन्धेरा था ना यार गुड्डू भैया”,गोलू अब चिढचिढाने लगा था
“काहे बिजली का बिल नाही भरे थे ?”,गुड्डू ने कहा
“अरे बिजली थी गुड्डू लेकिन बल्ब बंद था ना,,,,,,गोलू ने गुप्ता जी को चोर समझ के मारा तो हमने ईंटा उठा के गुप्ता जी को दे दी,,,,,,,,,,!!!”,मंगल फूफा ने कहा तो गोलू ने उनकी गुद्दी पकड़ी और गुड्डू के सामने करके कहा,”एक काम करो तुम बोल ल्यो , नहीं नहीं तुम बोल ल्यो,,,,,,,,हमहू किसलिए है ? बताय रहे है ना,,,,,,,,,,,,,एक और बार बीच में बोला ना तो वही ईंटा उठा के मारेंगे तुम्हाये कपार पर,,,,,,,,,,,!!!”
मंगल फूफा बेचारे घबराकर साइड हो गए तो गुड्डू ने कहा,”अबे काहे लेकर आये हो जे नमूने को साथ मा ? मैसेज किये थे ना तुमको कि आज सोनू भैया के फंक्शन का सब अरेंजमेंट देखना है साला वो सब छोड़कर तुमहू बाप के ईंट पत्थर खेल रहे हो,,,,,,,,,,,,,,,,!!!”
गुड्डू को गरम होते देखकर गोलू ने कहा,”अरे गुड्डू भैया ! गुस्सा मत कीजिये चाय पीजिये”
गोलू और मंगल फूफा की बकवास सुनते सुनते गुड्डू की चाय ठंडी हो गयी तो उसने चाय गोलू के मुँह पर फेंकी और कहा,”ल्यो तुमही पी ल्यो”
गुड्डू दूकान की तरफ चला गया। मंगल फूफा ने गोलू के मुँह से चाय टपकते देखी तो हंस पड़े और ये देखकर गोलू ने पैरों में पहनी चप्पल निकाली और मंगल फूफा मंगल फूफा के पीछे भागते हुए कहा,”साले मंगलू ! जे सब ना तुम्हायी वजह से हो रहा है , जब से तुमहू हमायी जिंदगी मा आये हो साला हमायी तो इज्जत ही ख़त्म हो गयी है,,,,,,,,,रुको तुम्हाये फूफा का,,,,,,,,,,!!”
मंगल फूफा गुड्डू की तरफ भागे , गुड्डू गोलू से कुछ कहने के लिए जैसे ही पलटा मंगल फूफा आकर उस से टकराये और दोनों नीचे गिरे , गोलू मारने भागते हुए आया तभी सामने से परात में सफ़ेद सीमेंट लेकर जाते लड़के से टकराया और परात ऊपर उछलकर मंगल फूफा और गुड्डू पर गिरी , गोलू भी उनके बगल में आ गिरा और गुड्डू को देखकर उसकी हंसी निकल गयी और उसने गुड्डू की तरफ हाथ करके कहा,”अरे गुड्डू भैया आप तो पुरे सफ़ेद हो गए”
गोलू आगे कुछ कहता इस से पहले परात आकर गोलू के सर पर गिरी और गोलू बेहोश होकर वही गिर पड़ा।
बनारस , उत्तर-प्रदेश
“चाचा ! क्या आप सच कह रहे है ? अमन का रिश्ता गुड्डू जीजू की बहन वेदी से करने वाले है और इसलिए दो दिन बाद आप सब बनारस जा रहे है”,प्रीति ने ख़ुशी से चहककर कहा
“हाँ प्रीति अब अमन और वेदी एक दूसरे को पंसद करते है और दोनों परिवार दोनों बच्चो को अच्छे से जानते भी है। कल अमन आ रहा है उसके बाद सब बनारस चलेंगे और सुनो तुम्हे और दामाद जी को भी चलना है”,विनोद चाचा ने कहा
“अरे बिल्कुल चाचाजी , मैं तो अपने गुड्डू जीजू से मिलने के लिए बहुत एक्साइटेड हूँ और शगुन दीदी उनसे तो मैं बस अपनी शादी में मिली थी उसके बाद अब मिलूंगी,,,,,,,,,,,,अह्ह्ह्हह मैं बहुत खुश हूँ मैं अभी चाची को लेकर बाजार जाती हूँ और सबके लिए अच्छे अच्छे गिफ्ट खरीद लेती हूँ,,,,,,,,,,क्यों पापा ?”,प्रीति ने ख़ुशी भरे स्वर में कहा
“हाँ बेटा बिल्कुल ! ये लो ये पैसे रखो,,,,,,,,,!!!”,गुप्ता जी ने अपने कुर्ते की जेब से कुछ नोट निकालकर प्रीति की तरफ बढाकर कहा
“अरे नहीं पापा ! ये सब की जरूरत नहीं है मेरे पास मेरा पर्सनल ATM है”,प्रीति ने पास खड़े रोहन की बाँह थामकर कहा
“धत बदमाश ! रखो ये पैसे , शगुन और दामाद जी के लिए कुछ अच्छा सा खरीद लेना”,गुप्ता जी ने नोट प्रीति के हाथ में थमा दिए और फिर विनोद के साथ वहा से चले गए।
उनके जाने के बाद रोहन प्रीति की पलटा और कहा,”अच्छा तो मैं तुम्हारा पर्सनल ATM हूँ ?”
प्रीति ने अपनी बांहो का हार रोहन के गले में डाला और प्यार से कहा,”तुम तो मेरे सबकुछ हो”
प्रीति को इतने प्यार से बात करते देखकर रोहन पीछे हटा और कहा,”मैं तुम्हारे साथ मार्किट बिल्कुल नहीं जाने वाला,,,,,,,,,,,,!!!”
“रोहन चलो ना प्लीज,,,,,,,,मुझसे गाडी ड्राइव नहीं होती”,प्रीति ने कहा
मुझे पापा को लेकर बाहर जाना है तुम और चाची स्कूटी से जाओ ना,,,,,,,,,फिर शाम में हम साथ में गंगा आरती देखने चलेंगे”,रोहन ने कहा
“पक्का ?”,प्रीति ने पूछा
“हाँ बाबा पक्का,,,,,,,,,,,,!!!”,रोहन ने प्रीति का गाल छूकर प्यार से कहा
“थैंक्यू ! मैं पारस भैया और सोनिया को भी बुला लुंगी सब साथ होंगे तो मजा आएगा”,प्रीति ने खुश होकर कहा और फिर चाची के घर की तरफ चली गयी
कानपूर , उत्तर प्रदेश
परात सर पर लगने की वजह से गोलू बेहोश हो गया। गुड्डू ने देखा तो उठने की कोशिश की लेकिन मंगल फूफा उस पर गिरे हुए थे इसलिए गुड्डू उठ नहीं पाया। उसने मंगल फूफा को साइड में फेंककर कहा,”हमायी छाती से का चिपके हो , का मेहरारू है हमहू तुम्हायी,,,,,,,,,!!!”
सुखी सफ़ेद सीमेंट में लथपथ गुड्डू गोलू के पास आया और उसका गाल थपथपाकर कहा,”गोलू ए गोलू , अबे उठो , गोलू,,,,,,,,,साला मर वर तो नाही गए , ए गोलू,,,,,,,,,,,,!!!”
गुड्डू के झझोड़ने से गोलू को होश आया लेकिन जैसे ही उसने सीमेंट में लथपथ गुड्डू का चेहरा देखा तो चिल्लाया,” भूउउउउउउउउउत , भूत भूत भूत”
“अबे गोलू हम है गुड्डू , अबे हम भूत है का ?”,गुड्डू ने गोलू को समझाने की कोशिश की लेकिन गोलू तो गोलू है उसने गुड्डू को भूत समझकर उसकी गर्दन पर काट लिया।
“आइईईई काट लिया साले,,,,,,,,,!!”,कहते हुए गुड्डू ने गोलू को खुद से दूर किया और एक थप्पड़ उसके गाल पर रसीद कर के उसे दूर फेंका।
गुड्डू अपनी गर्दन पकड़कर उठ खड़ा हुआ तब तक गोलू को पूरी तरह होश आ चुका था। वह जल्दी से उठा और गुड्डू के पास जाने लगा लेकिन तभी मंगल फूफा बीच में
आये और कहा,”गोलू,,,,,,,,,,!!!”
गोलू ने देखा मंगल सीमेंट से पूरा सफ़ेद हो रखा है तो गोलू ने खींचकर एक थप्पड़ उसको लगाया और कहा,”वहा हमाये गुड्डू भैया दर्द से चिल्ला रहे है और हिया तुमहू होली खेल रहे हो,,,,,,,,,उह्ह्ह भी सफ़ेद होली”
मंगल फूफा तो एक थप्पड़ में ही घूम गए , गोलू गुड्डू के पास आया और कहा,”गुड्डू भैया ! आप ठीक तो है ?”
गुड्डू ने सुना तो गोलू की गुद्दी पकड़ी और दो तीन घुसे मारकर कहा,”साले सांप , बिच्छू , सकुनी तुमको साला अक्कल नाही है , अबे कित्ता जोर से काटे हो बे , साले तुमको हमहू भूत दिखते है , दिन मा भूत तुम्हरे बाप दादा ने भी देखा है कबो,,,,,,,,,,,,!!!
“बाप दादा का तो पता नाही गुड्डू भैया हम जरूर देखे है जे चांडाल फूफा के रूप मा भूत , साला शनि बनकर आया है हमयी जिंदगी मा जब से मिला है साला बिना सर्फ साबुन के हमायी धुलाई हो रही है,,,,,,,,,,,,अरे खड़े खड़े देख का रहे भाई मारो हमे”,गोलू ने कहा और इसके बाद गुड्डू ने दो चार घुसे और मारे
( क्या गोलू के कहने पर गुड्डू करेगा मंगल फूफा की मदद ? क्या इस सीजन में भी गोलू अपनी हरकतों की वजह से खाने वाला है सबसे मार ? क्या बनारस आकर प्रीति अपने असली गुड्डू जीजू को पहचान पायेगी ? जानने के लिए पढ़ते रहिये “मनमर्जियाँ सीजन 4” मेरे साथ )
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संजना किरोड़ीवाल
मंगल फूफा बेचारे घबराकर साइड हो गए तो गुड्डू ने कहा,”अबे काहे लेकर आये हो जे नमूने को साथ मा ? मैसेज किये थे ना तुमको कि आज सोनू भैया के फंक्शन का सब अरेंजमेंट देखना है साला वो सब छोड़कर तुमहू बाप के ईंट पत्थर खेल रहे हो,,,,,,,,,,,,,,,,!!!”
गुड्डू को गरम होते देखकर गोलू ने कहा,”अरे गुड्डू भैया ! गुस्सा मत कीजिये चाय पीजिये”
गोलू और मंगल फूफा की बकवास सुनते सुनते गुड्डू की चाय ठंडी हो गयी तो उसने चाय गोलू के मुँह पर फेंकी और कहा,”ल्यो तुमही पी ल्यो”
मंगल फूफा बेचारे घबराकर साइड हो गए तो गुड्डू ने कहा,”अबे काहे लेकर आये हो जे नमूने को साथ मा ? मैसेज किये थे ना तुमको कि आज सोनू भैया के फंक्शन का सब अरेंजमेंट देखना है साला वो सब छोड़कर तुमहू बाप के ईंट पत्थर खेल रहे हो,,,,,,,,,,,,,,,,!!!”
गुड्डू को गरम होते देखकर गोलू ने कहा,”अरे गुड्डू भैया ! गुस्सा मत कीजिये चाय पीजिये”
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गुड्डू को गरम होते देखकर गोलू ने कहा,”अरे गुड्डू भैया ! गुस्सा मत कीजिये चाय पीजिये”
गोलू और मंगल फूफा की बकवास सुनते सुनते गुड्डू की चाय ठंडी हो गयी तो उसने चाय गोलू के मुँह पर फेंकी और कहा,”ल्यो तुमही पी ल्यो”
मंगल फूफा बेचारे घबराकर साइड हो गए तो गुड्डू ने कहा,”अबे काहे लेकर आये हो जे नमूने को साथ मा ? मैसेज किये थे ना तुमको कि आज सोनू भैया के फंक्शन का सब अरेंजमेंट देखना है साला वो सब छोड़कर तुमहू बाप के ईंट पत्थर खेल रहे हो,,,,,,,,,,,,,,,,!!!”
गुड्डू को गरम होते देखकर गोलू ने कहा,”अरे गुड्डू भैया ! गुस्सा मत कीजिये चाय पीजिये”
गोलू और मंगल फूफा की बकवास सुनते सुनते गुड्डू की चाय ठंडी हो गयी तो उसने चाय गोलू के मुँह पर फेंकी और कहा,”ल्यो तुमही पी ल्यो”
