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Kitni Mohabbat Hai – 43

Kitni Mohabbat Hai – 43

Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal

अक्षत और मीरा ख़ामोशी से अपने अपने प्यार का इजहार कर चुके थे ! लेकिन मुंह से बोलना अभी बाकि था , अक्षत चाहता था मीरा कहे और मीरा चाहती थी अक्षत कहे बस इसी कश्मकश में मोहब्बत के पल बनते जा रहे थे ! डांस प्रोग्राम के वक्त गार्डन सजा हुआ था ! मेहमान सभी वहा कुर्सियों पर जमे थे ! नीता और उसके घरवाले एक तरफ थे , नीता और अर्जुन के लिए अलग से सोफा लगाया हुआ था !! जीजू , तनु , निधि सभी एक साइड खड़े थे उन्हें डांस जो करना था !

सबसे पहले अर्जुन और नीता का डांस हुआ दोनों स्टेज पर आये गाना बजने लगा
,”हम तेरे बिन अब रह नहीं सकते , तेरे बिना क्या वजूद मेरा !!
तुझसे जुदा गर हो जायेंगे तो , खुद से ही हो जायेंगे जुदा
क्योकि तुम ही हो
अब तुम ही हो ,, जिंदगी अब तुम ही हो
चैन भी , मेरा दर्द भी , मेरी आशिक़ी अब तुम ही हो !!

दोनों साथ में डांस करते हुए बहुत प्यारे लग रहे थे ! दोनों डांस करके आये तो सभी तालिया बजाने लगे ! कुछ डांस और हुए मीरा जीजू और तनु दी के पास खड़ी थी ! अक्षत एक कोने में अकेले खड़ा था जीजू उसके पास आये और कहा,”यहाँ क्या कर रहे हो ? मीरा के साथ सोलो परफॉर्मेंस है यार तुम्हारा जाओ जाकर थोड़ी केमेस्ट्री बनाओ उनके साथ !”
“जीजू मैं सोच रहा हु उसे प्रपोज कर दू”,अक्षत ने कहा
“अरे वाह इतनी इतनी हिम्मत कैसे आयी आप में ?”,जीजू ने कहा

“उसकी मेहँदी में अपना नाम देखकर !”,अक्षत ने कहा
“चलो फिर लगवा देते है तुम्हारा गाना , छेड़ो प्यार की धुन !”,जीजू ने जाने की कोशिश की तो अक्षत ने रोकते हुए कहा,”उसका इंतजाम मैंने कर दिया , गाना बदल चूका है”
“मतलब ?”,जीजू ने कहा
“मतलब अभी दिखाता हु !”,कहकर अक्षत मीरा के बिना ही फ्लोर पर चला गया ! उसने म्यूजिक वाले की और इशारा किया !

फ्लोर पर अँधेरा , जीजू भी वापस तनु की और चले आये और मन ही मन कह रहे थे पता नहीं ये लड़का क्या करने वाला है ? ” मीरा उनके पास ही खड़ी थी सब अक्षत के बारे में ही सोच रहे थे क्योकि कुछ तो खास होने वाला था !! गाना बजना शुरू हुआ – बन्नो की सहेली रेशम डोरी !”
लाईटे जल उठी और जब मीरा ने देखा अक्षत उसी की और देख रहा है तो वह जीजू के पीछे छुप गयी
“छुप छुप के शर्माए देखे चोरी चोरी !!”

बन्नो की सहेली रेशम की डोरी , छुप छुप के शर्माए देखे चोरी !
अक्षत डांस करते हुए फ्लोर से मीरा के पास आया और अपने कंधे से मीरा के कंधे पर मारते हुए कहा,”ये माने या ना माने मैं तो इसपे मर गया ! ये लड़की हाय अल्लाह , हाय हाय रे अल्लाह ,, ये लड़की हाय अल्लाह हाय हाय रे अल्लाह !!”
जीजू ने अक्षत का नया रूप देखा तो हैरान थे उसने गाना भी ऐसा चुना जिसमे उसके दिल की सारी बाते थी !

अक्षत वापस फ्लोर की और चला गया तो जीजू ने मीरा से जाने का इशारा किया मीरा अक्षत की और आयी और उसके साथ डांस करने लगी ! दोनों साथ में इतने प्यारे लग रहे थे की सबकी नजरे उनसे हट नहीं रही थी ! डांस करते हुए मीरा के दुप्पटे का धागा अक्षत के घडी में फंस गया मीरा जब उसे निकालने लगी तो अक्षत ने अपना हाथ उसके सामने कर दिया और इस पल का गाने की लाईनो ने भी साथ दिया

लब कहे ना कहे
बोलती है नज़र
प्यार नहीं छुपता
यार छुपाने से
प्यार नहीं छुपता
यार छुपाने से

अक्षत बस एक टक मीरा को देखते हुए लिरिक्स गुनगुना रहा था जैसे मीरा को अहसास दिला रहा हो की उसका प्यार सामने आने लगा है ! मीरा ने तब तक दुप्पटा निकाल लिया और आगे के बोल गुनगुनाते हुए डांस करने लगी
रूप घूंघट में हो
तोह सुहाना लगे
बात नहीं बनती यार बताने से
बात नहीं बनती यार बताने से
अक्षत ने सूना तो हाथ पकड़कर उसे अपनी और खींचा और गाने के साथ गुनगुनाते हुए कहा,”ये दिल की बाते , दिल ही जाने या जाने खुदा !!

दोनों ने बहुत अच्छा डांस परफॉर्मेंस दिया ! सबने तालिया बजायी जीजू और निधि तो जोर जोर से हूटिंग कर रहे थे ! ये गाना सुनकर नीता इतनी एक्साइटेड हो गयी की उठकर फ्लोर पर चली आयी और मीरा को साथ लेकर डांस करने लगी,”मांगने से कभी , हाथ मिलता नहीं ,, जोडिया बनती है , पहले से सबकी , जोडिया बनती है पहले से सबकी !

अर्जुन भी आ पहुंचा और अक्षत के कंधे पर हाथ डालकर नीता की और बढ़ते हुए गुनगुनाने लगा,”ओह्ह्ह लेके बारात घर तेरे आऊंगा मैं , मेरी नहीं ये तो मर्जी है रब की , मेरी नहीं ये तो मर्जी है रब की !
अरे जा रे जा यु झूठी मुठी बाते ना बना !!
ये लड़की हाय अल्लाह हाय अल्लाह , हाय हाय रे अल्लाह !!

जीजू , तनु , निधि , सुनीता कुछ मेहमान और लक्ष्य भी फ्लोर पर चला आया ! सब साथ साथ उस पल को एन्जॉय कर रहे !! अर्जुन के हाथ में एक फ्लॉवर वाला पटाखा था वो छोड़ा तो सबके ऊपर चमकीले पन्ने और फूल गिर रहे थे ! मीरा के बालो में भी आ गिरे नाचते हुए अक्षत और वह दोनों एक दूसरे से टकराये और एक दूसरे की और पलटे उस वक्त उन्हें बस एक दूसरे के अलावा और कुछ दिखाई नहीं दे रहा था , गाने की धुन बस उनके कानो में पड़ रही थी और कुछ बोल भी की – सजना ,, क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है !!

अक्षत मीरा के बालो में लगे वो कागज हटा रहा था ! गनीमत था की भीड़ में किसी की नजर उन दोनों पर नहीं गयी ! नीता ने मीरा का हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए ले जाने लगी अक्षत वही खड़ा रह गया मीरा ने पलटकर देखा अभी भी उसके कानो में वही म्यूजिक बज रहा था,”सजना ,, क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है !”
मीरा चली गयी अक्षत वही खड़ा था जीजू उसके पास आये और गले लगाकर कहा,”आज तो कमाल कर दिया साले साहब आपने !”

अक्षत को होश आया उसने जीजू से दूर होकर कहा,”अरे जीजू क्या कर रहे हो सब देख रहे है ? !
“देख तो सबने लिया आज तुम्हारी और मीरा की केमेस्ट्री को , बस होंठो से बोलना बाकि है”,जीजू ने कहा तो अक्षत ने कहा,”आप बड़े बेसब्र हो रहे है !”
“और क्या मैं तुम्हारी जगह होता तो अब तक हनीमून पर मनाली या गोवा में होता !”,जीजू ने अक्षत पर ताना कसा ! अक्षत भी जीजू से खुल चुका था तो थोड़ी ऊँची आवाज में कहा,”अरे तनु दीदी जीजू हनीमून पर जाने की बात कर रहे है !”

बेचारे जीजू को फसाकर अक्षत वहा से खिसक गया अब जीजू भी निकलने के लिए कोना देख ही रहे थे की तनु आ धमकी और कहा,”किस हनीमून पर जाने की बात कर रहे है आप , इस उम्र में !”
“हनीमून के लिए भी भला कोई उम्र देखता है क्या ?”,जीजू ने रोमांटिक होने की कोशिश की !
“बच्चो के साथ रह रह कर ना आप भी बच्चे बन गए है , चलिए मौसाजी ने सबको अंदर आने को कहा है !”,तनु ने कहा और चली गयी जीजू ने आँखों पर लगा नजर का चश्मा साफ करते हुए कहा,”ये मौसा ने ही तो रोमांस पर रोक लगा रखी है ! “

जीजू अंदर चले आये ! उधर नीता मीरा को साइड में लेकर आयी तो मीरा ने कहा,”क्या हुआ भाभी ? आप हमे इस तरह क्यों ले आयी ?”
“अरे मीरा वो पीछे से ना मेरी कुर्ती का हुक खुल गया प्लीज़ उसे ठीक कर दो , वहा सबके सामने करने को थोड़े कहती !”,नीता ने अपनी पीठ मीरा की और करके कहा ! मीरा मुस्कुरायी और कहा,”ये काम तो अर्जुन जी का है , इतनी रोमांटिक चीजे तो उन्ही के साथ अच्छी लगेगी !”
“अच्छा तुम्हारे साथ हुआ है ऐसा कभी ?”,नीता ने भी छेड़ते हुए कहा !

मीरा को नीता और अर्जुन की सगाई वाला दिन याद आ गया जब उसके कुर्ती की डोरी अक्षत ने बाँधी थी मीरा को खामोश देखकर नीता ने कहा,”अरे क्या हुआ ? लगाओ न बाबा !”
“हम्म्म्म हां करते है !”,मीरा की तंद्रा टूटी उसने हुक लगाया , नीता ने पलटकर उसे थैंक्यू कहा और दोनों वापस लॉन में चली आयी ! लॉन के दूसरी और घर के बाहर वाले बरामदे में खाने का बंदोबस्त था सभी खाना खा रहे थे ! मीरा किसी काम से अंदर गयी उसने देखा रघु परेशान सा हाथ में प्लेट लेकर जा रहा था तो मीरा ने रोककर कहा,”क्या बात है रघु भैया आप इतना परेशान क्यों है ?”

“क्या बताये मीरा दीदी ? हम ठहरे एक अब दादू को पकोड़े चाहिए , अक्षत बाबा को गर्म चपाती चाहिए क्योकि उनको पुरिया नहीं खानी , दादी माँ को गर्म दूध चाहिए , वो उधर रसोईया कह रहा है ये लाओ वो लाओ , अब बताओ हम अकेले क्या करे ?”,रघु ने अपना दुःख जाहिर किया !
“अच्छा ये प्लेट हमे दो , दादाजी को पकोड़े हम दे आते है तब तक आप रसोईये को चपाती बनाने का बोलकर दादिमा को दूध दे आईये फिर अक्षत जी को चपाती दे आईयेगा !”,मीरा ने रघु के हाथ से प्लेट लेकर कहा !

“अरे वाह मीरा दीदी आपने तो मेरा काम आसान कर दिया !”,रघु ने खुश होते हुए कहा
“इसे कहते है स्मार्ट तरीके से काम करना , अब जल्दी जाईये और ये बता दीजिये दादू कहा मिलेंगे ?”,मीरा ने कहा
“वो ऊपर छत पर मिलेंगे !”,रघु ने कहा और वहा से चला गया ! मीरा सीढ़ियों की और बढ़ गयी और सोचने लगी,”इस वक्त दादू छत पर क्या कर रहे है ? चलो चलकर देखते है !”
मीरा छत पर पहुंची , ठंड ज्यादा नहीं थी मीरा ने देखा दादू वहा नहीं थे बस उनकी रोजाना वाली टेबल और कुर्सी वहा थी

टेबल पर दो ग्लास और एक बोतल थी मीरा वहा आयी इधर उधर देखा दादू नहीं दिखे पकोड़े देखकर मीरा को भूख का अहसास हुआ लेकिन वो दादू के लिए थे सोचकर मीरा ने प्लेट टेबल पर रख दी लेकिन पकोड़े खाने का लालच वह छोड़ नहीं पा रही थी उसने एक पीस उठाया और कहा,”टेस्ट करने में क्या जाता है ?
मीरा ने पूरा पीस मुंह में रख लिया टेस्टी था लेकिन जैसे ही उसने चबाना शुरू किया मिर्च की वजह से उसका मुंह जलने लगा था उसने जल्दी से उसे डस्टबिन में थूक दिया क्योकि वो दादू ने स्पेशली अपने लिए बनवाये थे

मीरा का मुंह जल रहा था उसे पानी चाहिए था उसने बिना सोचे समझे टेबल पर रखा ग्लास उठाया और एक झटके में सारा पि गयी !!
“यक्क्क्क , कितना कड़वा है ये !”,मीरा ने जो पीया वो पानी नहीं दादू का बनाया पैग था जो मीरा पि चुकी थी ! और अब ये पानी उसका गला जला रहा था ! मीरा का सर घूमने लगा तो वह वहा पड़ी कुर्सी पर बैठ गयी !!
मीरा को शराब चढ़ने लगी थी , उसका सर हल्का हल्का घूमने लगा था वह पास पड़ी कुर्सी पर आकर बैठ गयी ,

नशे की वजह से उसे अब अच्छा भी लग रहा था उसकी नजर सामने पडी बोतल पर गयी मीरा ने उसे उठाया और ग्लास में निकाल लिया और पी गयी , इस बार उसे थोड़ी कम कड़वी लगी अब मीरा को मजा आने लगा था वह थोड़ी थोड़ी करके पीती रही , उसे नशा हो गया दादू वाशरूम में थे जब बाहर आये तो मीरा को वहा देखकर हैरान थे और उसके पास आकर कहा,”अरे मीरा , बेटा तुम यहाँ क्या कर रही हो ?”
मीरा ने दादू को देखा तो कहा,”अरे दादू आप , आईये न बैठिये”

मीरा की लड़खड़ाती आवाज सुनकर दादू को हैरानी हुई उनकी नजर बोतल पर गयी तो और ज्यादा हैरान थे की मीरा बैठे बैठे आधी से ज्यादा शराब पी गयी ! दादू ने कहा,”मीरा तुमने शराब पी है ?”
“कौन कमबख्त शराब पीता है ? हम तो पीते है ताकि उन्हें बर्दास्त कर सके”,मीरा ने डायलॉग मारते हुए कहा
“किसे बर्दास्त करना है ?”,दादू ने कहा
“अरे वो है ना हमारे सड़ू , बहुत तंग करते है हमे “,मीरा ने मासूमियत से कहा l

बेचारे दादू घबरा गये मीरा को इस हाल में देखकर , मीरा ने जैसे ही बोतल को फिर से उठाना चाहा दादू ने उसके हाथ से बोतल छीन ली और कहा,”मीरा पहले ही बहुत पि लिया है , ये मुझे दो !!”
“अरे दादू दो ना हमे , ये बहुत अच्छी है l एक ग्लास और प्लीज़ प्लीज”,मीरा ने नशे में कहा
अक्षत नीचे से दादू के लिए सलाद लेकर आया जब मीरा को वहां देखा तो दादू से इशारे में उसके वहां होने की वजह पूछी ! दादू ने कुछ नही कहा मीरा ने अक्षत को वहा देखा तो कुर्सी से उठ ख़डी हुई और लड़खड़ाते हुये कहा,”देखा दादू ये हमारे पीछे पीछे यहाँ भी आ गए”

मीरा लड़खड़ाते हुए गिरने को हुई तो अक्षत ने उसे सम्हाला मीरा के मुंह से शराब की बदबू आयी तो अक्षत ने दादू से कहा,”इसने शराब पी रखी है ?
“मुझे नही पता बेटा ये कब आयी और इसने ये सब कब पि लिया ?”,दादू ने मज़बूरी जताते हुए कहा
“यार दादू , नीचे सब है और पापा को पता चला की ऊपर ये सब हो रहा है तो , हम दोनों की वाट लगेगी”,अक्षत ने कहा
“क्यों लगेगी वाट ?”, मीरा ने अक्षत के बाहों में झूलते हुए कहा

“तुम चुप रहोगी ?”,अक्षत ने मीरा को घूरते हुए कहा
“क्यों चुप रहू मैं ?”,मीरा नशे में कुछ भी बोले जा रही थी l
अक्षत ने दादू की और देखा और कहा,”अब बताओ आप क्या करूँ मैं , आपके इस शौक के चक्कर में ना किसी दिन मैं फस जाऊंगा !”
“सोररी बेटा मुझे क्या पता था ? ये सब हो जायेगा”,दादू ने कहा
मीरा अक्षत से दूर हुयी और दादू के हाथ में पकडी बोतल लेने की कोशिश करते हुए कहा,”हमे और चाहिए “

अक्षत ने उसे कमर से पकड़ कर साइड करते हुए कहा,”अरे वो शराब है , तुम पहले से होश में नही हो”
“किसने कहा हम होश में नही है , देखो ये दादू है आप सड़ू हो और वो बादल है वो चाँद है”,मीरा ने बच्चों की तरह कहा
अक्षत ने अपना सर पिट लिया और दादू से कहा,”दादू आप जाए यहाँ से मैं इसे लेकर नीचे जाता हूं”
“हां ठीक है बेटा और ध्यान से”,दादू ने कहा
“हम्म्म् ठीक है आप परेशान मत हो मैं लेकर जाता हूं इसे”,कहकर अक्षत मीरा की और पलटा और कहा,”चलो !”
“कहा ?”,मीरा ने मासूमियत से कहा

“नीचे तुम्हारे कमरे में , बहुत नोटंकी हो चुकी तुम्हारी अब चलो”,अक्षत ने कहा
लेकिन मीरा पर तो नशे की खुमारी थी उसने कहा,”नोटंकी , आपको ये सब नोटंकी लगती है ,, ये सुनने से पहले हम मर क्यों नही गये अल्लाह”
मीरा की बाते सुनकर इस वक्त अक्षत को भी हंसी आ रही थी लेकिन उसके लिये मीरा को सम्हालना इस वक्त जरुरी था !!
अक्षत ने उसे गोद में उठाया और ले जाने लगा तो मीरा नीचे उतरने को मचलने लगी , अक्षत ने आँखे दिखाते हुए कहा,”अगर ज्यादा नाटक किया ना तो नीचे गिरा दूंगा l”

मीरा चुप हो गयी तो अक्षत उसे लेके नीचे आया मीरा का एक हाथ अक्षत के कंधे पर था और दूसरा नीचे लटक रहा था l अक्षत को उसका शराब पीना बिलकुल अच्छा नही लग रहा था l अक्षत नीचे आया गनीमत था उसे किसी ने देखा नहीं था , अक्षत मीरा को निधि के कमरे में ना ले जाकर अपने कमरे में ले आया वह नही चाहता था घर में किसी को पता चले ! पहली बार अक्षत मीरा को अपने कमरे में लेकर आया था वो भी इस हालत में ,, उसने मीरा को अपने बेड पर बैठाया तो मीरा ने कमरे को देखते हुए कहा,”ये कहा आ गए हम ?”

“ये मेरा कमरा है , तुम रुको मैं आता हूं और बाहर नहीं निकलना है यहाँ से !”,अक्षत ने मीरा को समझाते हुए कहा
अक्षत जाने लगा तो मीरा ने उसका हाथ पकड़कर रोक लिया और कहा,”इधर बैठो !”
अक्षत आकर मीरा के सामने बैठ गया तो मीरा ने कहा,”आप कहा जा रहे हो ?”
“नीचे तुम्हारे लिए निम्बू पानी लेने”,अक्षत ने कहा
“मत जाओ ना”,मीरा ने प्यार से कहा

“क्यों ?”,अक्षत ने कहा
“यही बैठो मेरे सामने , आपको देखना अच्छा लग रहा है हमे”,मीरा ने कहा तो अक्षत मुस्कुरा उठा और कहा,”ठीक है नही जा रहा !”
“हम्म्म्म”,मीरा ने प्यार से अक्षत को देखते हुए कहा
अक्षत ने प्यार से उसके बाल चेहरे से कान के पीछे करते हुए कहा,”तुमने शराब क्यों पि ?”

मीरा ने अपनी पलके झपकाई और कहने लगी,”वो दादू के लिए पकोड़े लेकर गए ना तो एक हमने भी खा लिया उसमे बहुत मिर्ची थी तो मुंह जलने लगा , हमने पानी समझ के वो पि लिया , बहुत कड़वी थी वो , छिई यककक ,, फिर दुबारा पीया तो थोड़ी कम कड़वी लगी , फिर थोड़ा सा और पीया तो अच्छी लगी ,, आप भी पीना बहुत मजा आता है”
“मैं नशा नही करता”,अक्षत ने कहा
“हां सही है आप खुद एक नशा हो , और नशा क्यों नशा करेगा”,मीरा ने कहा
“मैं नशा हु ?”,अक्षत ने कहा

“आप नही आपकी आँखे , जब पहली बार आपकी आँखे देखी तो लगा हम तो जैसे उनमे डूब ही जायेंगे , इतनी नशीली आँखें है आपकी “,मीरा ने अपनी बड़ी बड़ी पलके झपकते हुए कहा
अक्षत को मीरा की आँखों में अपने लिए असीम प्यार नजर आ रहा था लेकिन इस वक्त मीरा जिस हालत में थी उसे कुछ कहना अक्षत को सही नही लग रहा था l

अक्षत खामोश हो गया तो मीरा ने अपना सर उसके कंधे पर टिका दिया और कहने लगी,”पर आप बहुत अच्छे हो , हमेशा हमारी हेल्प करते हो , हमे हर मुसीबत से निकाल लेते हो आप बहुत स्वीट हो पर वो मोना हमे आपके साथ बिल्कुल अच्छी नही लगती है , काव्या सही कहती है वो सच में चुड़ैल है ,, कितना टॉर्चर किया उसने हमें !!”
अक्षत ने देखा मीरा इस वक्त दुनिया की सबसे मासूम लड़की लग रही थी वह ख़ामोशी से सब सुनता रहां तो मीरा ने उसका हाथ अपने हाथ में लेकर कहां,”लेकिन आप भी बहुत परेशान करते हो हमे लेकिन आप बहुत अच्छे हो”

कहते हुए उसने अक्षत के गाल पर किस कर दिया ! अक्षत के दिल की धड़कनें बढ़ गयी बेचारा क्या करता ? वह मीरा से दूर हुआ कुछ गलत हो जाने की आशंका से उसने कहा,”मीरा अभी तुम होश में नहीं हो , हम लोग सुबह बात करते है रात बहुत हो गयी है अभी तुम सो जाओ”
अक्षत ने उसे लिटाकर कंबल ओढ़ाते हुए कहा लेकिन मीरा आज शायद किसी की नहीं सुनने वाली थी वह उठकर बैठ गयी और कहा,”लेकिन हमें नींद नही आ रही”

“तुम कोशिश तो करो , आ जायेगी”,कहकर अक्षत जाने लगा तभी मीरा ने नशे में गुनगुनाना शुरू कर दिया,”यु ही पहलू में बैठे रहो , आज जाने की जिद ना करो , आज जाने की जिद ना करो”
अक्षत दरवाजे पर आकर रुक गया उस से आगे नहीं बढ़ा गया उसने मीरा की तरफ देखा तो मीरा ने आगे गाना शुरू किया,”हाय मर जायेंगे , हम तो लूट जायेंगे , ऐसी बाते किया ना करो l”
अक्षत वापस चला आया और मीरा के पास बैठते हुए कहा,”मीरा , घर में सब मेहमान है किसी ने तुम्हे इस हालत में देखा तो प्रॉब्लम हो जायेगी”

“मैंने क्या गलत किया ?”,कहकर मीरा आँखों में आंसू ले आयी l नशे से ग्रस्त इंसान को नही पता चलता वो कब हँसने लगे और कब रोने लगे मीरा के साथ भी यही था तो अक्षत उसके थोड़ा पास आया और उसके चेहरे को हाथ में लेकर कहा,”तुमने कुछ गलत नही किया , सब ठीक है तुम बहुत अच्छी हो”
“सच में !”,मीरा ने मासूमियत से कहा !

“हां”,कहकर अक्षत ने अपने होंठो से मीरा के माथे को छू लिया और थोड़ा दूर हो गया वह लड़का था मीरा के सामने उसे बहकना नही था लेकिन मीरा को कुछ समझ नहीं आ रहा था वह अक्षत के पास और उसके गले लगकर कहा,”थैंक्यू अक्षत जी आपसे ज्यादा हमे कोई नही समझ सकता “,
और ये कहते हुए उसने एक बार फिर अक्षत के गाल पर किस कर दिया , मीरा की सांसे अक्षत को अपनी गर्दन पर महसूस होने लगी अक्षत पिघलने लगा था

आखिर वो कब तक रोक पाता खूद को उसने अपना चेहरा मीरा की और घुमा लिया मीरा ने जैसे ही अपने होंठो को अक्षत के होंठो की और बढ़ाया अक्षत ने अपनी ऊँगली मीरा के होंठो पर रख दी !! इस मदहोशी के आलम में भी अक्षत अपनी हदे समझता था ,, उसने दूर होकर कहा,”मीरा चलो मैं तुम्हे कहानी सुनाता हूं”
“कहानी ?”,मीरा ने खुश होकर कहा

“हम्म्म्म”,कहकर अक्षत सिरहाने की तरफ बैठा मीरा ने अपना सर उसकी गोद में रख लिया , अक्षत उसके बालो को सहलाता हुआ उसे कोई कहानी सुनाने लगा l मीरा ख़ामोशी से सुनती रही अक्षत का एक हाथ मीरा के दोनों हाथों में था और अक्षत उसे कहानी सुनाता रहा l कुछ देर बाद मीरा को नींद आ गयी अक्षत ने धीरे से उसका सर तकिये पर रखा उसके हाथों से अपना हाथ निकाला और फिर पास पड़ी कंबल मीरा को ओढा दी l अक्षत ने कमरे की लाइट ऑफ कर दी और एक छोटा बल्ब जला दिया जिसकी मध्यम रौशनी मीरा के मासूम चेहरे पे पड़ रही थी

अक्षत कमरे से बाहर आया और दरवाजा बन्द कर बाहर सोफे पर बैठ गया l मीरा की नजदीकियों का अहसास उसे अब तक हो रहा था वह मुस्कुराने लगा वह जान चुका था कि मीरा भी उस से प्यार करती है l
अक्षत वही बैठा मीरा के बारे में सोचता रहा

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संजना किरोड़ीवाल

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