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Kitni Mohabbat Hai – 39

Kitni Mohabbat Hai – 39

Kitni Mohabbat Hai by Sanjana Kirodiwal

अक्षत दिल्ली के लिए निकल चूका था ! लेकिन जाते जाते मीरा को वह अपनी मोहब्बत का अहसास करवा के जा चुका था ! अक्षत ने मीरा से किस करने की बात कही तो मीरा के मन में उलझन थी पर जैसे ही उसने मीरा के ललाट (माथे) को अपने होंठो से छुआ तो सब उलझने ख़त्म हो गयी ! अक्षत मीरा से प्यार तो करता ही था साथ ही साथ उसका सम्मान भी करता था और उसकी यही बाते उसे ओरो से अलग बनाती थी !! मीरा की जिंदगी की सबसे बड़ी परेशानी ख़त्म हो चुकी थी ! शुभ और विनीत जेल में थे और अपने किये के लिए शर्मिंदा भी थे !

लेकिन हर अंत के साथ एक नयी शुरुआत होती है यहाँ भी शुरुआत हो चुकी थी और ये शुरुआत थी अक्षत और मीरा के प्यार की !
अक्षत के जाने के बाद अर्जुन निधि और मीरा घर लौट आये ! एक हफ्ते बाद शादी थी और घर में ढेर सारे काम थे ! निधि और मीरा की एग्जाम्स ख़त्म हो चुकी थी और अब दोनों राधा का हाथ बटा सकती थी ! विजय ने शादी घर से करने का आइडिया दिया जबकि अर्जुन मैरिज हॉल बुक करना चाहता था , दरअसल अर्जुन अपने और अपने दोस्तों के लिए बेचलर पार्टी रखना चाहता था !

कुछ देर की बहस के बाद विजय मान गए और उन्होंने फैसला किया की शादी घर से ही होगी , पार्टी के लिए उन्होंने अर्जुन के लिए छोटा गेस्ट हॉउस बुक करवा दिया !! अर्जुन खुश था उसके कुछ दोस्त उस से मिलने घर आये और फिर उनके साथ ही वह बाहर निकल गया ! ऑफिस की सारी जिम्मेदारी विजय ने कुछ दिनों के लिए अपने मैनेजर को सौंप दी और खुद एक हफ्ते की छुट्टी लेकर शादी की तैयारियों में लग गए !! अक्षत दिल्ली पहुंचा जैसे ही वह तनु के घर पहुंचा उसे अपनी आँखों पर विश्वास ही नहीं हुआ !

अक्षत ने अंदर आते हुए कहा,”दी जल्दी से कुछ खाने को दो , बहुत जोर से भूख लगी है !”
“हां हां तू अंदर तो आजा पहले , या यही खायेगा !”,तनु ने उसके हाथ से बैग लेते हुए कहा
अक्षत को देखकर काव्या दौड़कर आयी और उसकी गोद में चढ़ गयी उसने अक्षत के गाल पर किस किया और कहा,”आई मिस यू सो मच मामू !”
अक्षत ने रिटर्न किस किया और कहा,”मिस यू टू बच्चा !”
अक्षत ने काव्या को निचे उतारा और सोफे पर बैठे सोमित के पास आकर कहा,”कैसे हो जीजू ?”

“बात मत करो तुम मुझसे साले”,सोमित ने नाराज होकर कहा
“साले ?”,अक्षत ने चौंककर कहा
“वो वाला साला नहीं साले साहब वाला साला बोला है , मेरा फोन नहीं उठाना , इग्नोर करना , इंदौर जाते ही अपने जीजा के सारे अहसान भूल गया तू अहसान फरामोश”,सोमित ने थोड़ी एक्टिंग करते हुये कहा !
“अरे जीजू अब क्या बताऊ आपको”,अक्षत ने थोड़ा उदास होकर कहा
“क्या हुआ आशु ? सब ठीक तो हैं ना वहा ?”,सोमित ने कहा !

“हां जीजू अब सब ठीक है , पर बीते कुछ दिनों में बहुत कुछ हो गया वहा इसलिए मैं नहीं आना चाहता था !”,अक्षत ने गंभीरता से कहा !
“आशु क्या हुआ बताओ ?”,तनु उसके लिए नाश्ता ले आयी और सामने टेबल पर रखते हुए कहा !
अक्षत ने सारी बाते तनु और सोमित को बता दी उन्होंने सूना तो उन्हें भी एक बड़ा धक्का लगा की मीरा के साथ ये सब हो गया ! सोमित ने कहा,”शुभ इतना घटिया निकलेगा सोचा नहीं था , पर जो होता है अच्छे के लिए होता है आशु वरना तुम कभी जान ही नहीं पाते की तुम्हे लेकर उसके दिल में इतनी नफरत है !”

“जीजू , मुझे शुभ की परवाह नहीं है , मुझे बस मीरा की परवाह है”,अक्षत ने कहा
“तू फ़िक्र मत कर हम सब उसके साथ है , उसे कुछ नहीं होने देंगे !”,तनु ने अक्षत का हाथ अपने हाथ में लेकर कहा !
“क्या तुम दोनों आते ही सीरियस हो गए ? साले साहब ये बताओ एंट्रेस देने का कुछ इरादा है या नहीं !”,सोमित ने माहौल को थोड़ा नरम बनाते हुए कहा
“बिल्कुल उसी के लिए तो आया हु !”,अक्षत ने खाते हुए कहा
“आये हो या भेजे गए हो !”,जीजू ने भौहे चढ़ाकर कहा

“मतलब ?”,अक्षत ने बिना उनकी और ध्यान दिए हुए कहा
“मतलब मेरे कहने से नहीं आये , राधा माँ के कहने से भी नहीं आये किसी के कहने से भी नहीं आये और उन्होंने एक बार कहा तो सीधा यहाँ , बात क्या है ?”,जीजू ने कहा
अक्षत के गले में खाना अटक गया और वह खांसने लगा तो तो जीजू ने पानी का ग्लास उसकी और बढाकर कहा,”बाबू तुम जिस स्कूल में पढ़ रहे हो न वहा के टीचर रह चुके है हम !”
अक्षत अपनी प्लेट लेकर उठा और अपने कमरे की और जाते हुए कहा,”हां तो फिर करवा दीजिये पास !”

“ये क्या बाते कर रहे हो आप दोनों ?”,तनु ने कहा
“मैं बता रहा हु तनु ये ना वापस सिर्फ मीरा के कहने से आया है , लड़का प्यार में पड़ गया है !”,सोमित ने कहा
“किसी के कहने से भी आये आया तो सही , मुझे तो लगता है मीरा इसकी जिंदगी में इसीलिए आयी है ताकि इसे अपने प्यार से बदल सके”,तनु ने कहा
“ये बात तो है तनु , अक्षत बदल तो गया है ! इन दोनों के प्यार को किसी की नजर न लगे”,सोमित ने कहा !

तभी सोमित का फोन बजा फोन विजय का था उन्होंने सोमित को अर्जुन की शादी के बारे में सुचना दी और अक्षत के साथ ही शादी में आने को कहा ! सोमित ने सूना तो ख़ुशी से भर उठा उसे तो बस काम से छुट्टी का बहाना चाहिए इंदौर में अक्षत का घर उसकी पसंदीदा जगह जो थी सभी वहा उसके साथ कितना अच्छे से पेश आते थे ! तनु ने भी विजय और राधा से बात की और जल्दी आने का कहा !
“फाइनली फिर से इंदौर जाने का वक्त आ गया , आज शाम ही शॉपिंग पर चलते है !”,सोमित ने एक्साइटेड होकर कहा !

“आप तो ऐसे खुश हो रहे है जैसे आपकी शादी हो !”,तनु ने कहा
“अरे भई मेरी ना सही मेरे साले की तो है न , और साले की शादी में सबसे ज्यादा जीजा को ही पूछा जाता है !”,सोमित ने कहा
“पहले अक्षत का एंट्रेस हो जाये उसके बाद सब साथ में ही शॉपिंग चलेंगे !”,तनु ने टेबल से बर्तन समेटते हुए कहा !
“ओह्ह्ह यार मैं तो उसे बताना भूल ही गया उसका एंट्रेस तो कल सुबह ही है ,

कॉल लेटर मिला था मुझे मैं अभी जाकर बताता हु उसे !”,सोमित ने कहा और अपने कमरे की और चले गए उन्होंने टेबल पर रखा लिफाफा उठाया और अक्षत के कमरे में चले आये ! अक्षत उस वक्त लेटा हुआ था सोमित जीजू उसके पास आये और कहा,”जहापनाह आराम फरमा लिया हो तो जरा इसे भी देख लो !”
अक्षत उठाकर बैठ गया और सोमित के हाथ से लिफाफा लेकर देखा , उसके एंट्रेस की डेट अगले दिन की थी अक्षत मुस्कुरा उठा तो सोमित ने हैरानी से कहा,”अजीब इंसान हो तुम्हे जरा भी टेंशन नहीं है कल सुबह तुम्हारा एंट्रेस है और तुम मुस्कुरा रहे हो !”

“मुस्कुरा रहा हु क्योकि जल्दी से जल्दी वापस जा सकूंगा , और टेंशन किस बात की आई ऍम द टॉपर ऑफ़ यूनिवर्सिटी”,अक्षत ने कहा !
“क्या बात है ? मतलब इतना कॉन्फिडेंस ये नेचुरल है या उनकी संगत का असर है ?”,जीजू ने कहा
“नेचुरल भी है और कुछ उनकी प्रार्थनाओ का असर है”,अक्षत ने कहा
“मतलब ?”,जीजू को कुछ समझ नहीं आया
“मीरा प्रार्थनाओ में बहुत यकीन रखती है जीजू , उसका मानना है सच्चे दिल से भगवान से कुछ मांगो तो वो जरूर मिलता है !”,अक्षत ने विश्वास से भरकर कहा

“अच्छा तो तुमने क्या माँगा ?”,जीजू ने कहा
“आई ऍम टू स्मार्ट जीजू , मैंने अपनी प्रार्थना ने मीरा को ही माँग लिया !”,अक्षत ने मुस्कुराते हुए कहा
अक्षत की बात सुनकर सोमित मुस्कुराने लगा और कमरे से बाहर चला आया ! अक्षत ने कुछ देर आराम किया और फिर किताबो में लग गया , एक बार जो वह उनमे डूबा तो उसे वक्त का पता ही नहीं चला , दोपहर का खाना भी उसने अपने कमरे में ही खाया , उसे पढता देखकर तनु ने भी उसे डिस्ट्रब नहीं किया ! सोमित किसी काम से अपने ऑफिस चला गया !

उधर मीरा राधा की हेल्प करना चाहती थी लेकिन राधा ने साफ मना कर दिया और उसे आराम करने को कहा ! बेचारी मीरा बोर होने लगी तो ऊपर अपने कमरे की और जाने लगी तभी सीढ़ियों से आते रघु पर उसकी नजर पड़ी जिसके पास ढेर सारे कपडे थे , मीरा ने रघु को रोकते हुए कहा,”रघु भैया इतने सारे कपडे लेकर कहा जा रहे है आप ?”
“मीरा दीदी ये अक्षत बाबा के कपडे है , आज सुबह ही धुले है सारे उनके आने से पहले इन्हे प्रेस करके रखना होगा वरना तो आप जानती ही है , अक्षत बाबा को अपने कपडे बहुत प्यारे है !”,रघु ने कहा


“लाईये हमे दीजिये हम कर देते है !”,मीरा ने कहा
“अरे नहीं दीदी , राधा माँ ने आपको कोई भी काम बताने से मना किया है , आप आराम करो मैं कर लूंगा !”,रघु ने कहा
“सुबह से आराम ही तो कर रहे है , करने दीजिये न हमे प्लीज”,मीरा ने मासूम सा चेहरा बनाकर कहा
“लेकिन !”,रघु असमझ में था !
“लेकिन वेकिन कुछ नहीं ये आप हमे दीजिये हम कर देंगे , घर में और भी तो काम है न आप वो कर लीजिये !”,मीरा ने रघु के हाथ से कपडे लेते हुए कहा !


रघु निचे जाने लगा तो मीरा ने कहा,”रघु भैया !”
“जी दीदी !”,रघु ने पलटकर कहां
“प्रेस भिजवा दीजियेगा हमारे कमरे में !”,मीरा ने मुस्कुरा कर कहा
“जी दीदी !”,रघु ने कहा और वहा से चला गया !
मीरा अक्षत के कपडे लेकर अपने कमरे में आयी उन्हें बिस्तर के एक साइड रखा ! कुछ ही देर बाद रघु प्रेस ले आया और रखकर चला गया ! मीरा एक एक करके बड़े प्यार से अक्षत के कपड़ो को प्रेस करने लगी !

ये न नेचुरल है जब कोई प्यार में होता है तो उसे अपने प्रेमी/प्रेमिका के लिए ये छोटे छोटे काम करना बहुत अच्छा लगता है ! एक अलग ही ख़ुशी महसूस होती है जो इस वक्त मीरा को हो रही थी ! उसने 4 शर्ट और 5 पेंट प्रेस करके समेट कर रख दिए ! प्रेस बंद करके उसने साइड में रखा तो नजर गयी एक शर्ट फर्श पर गिरी हुई थी जिसे प्रेस करना मीरा भूल गयी थी ! मीरा ने उसे उठाया और देखकर मुस्कुरा दी ये वही काले रंग की शर्ट थी जो अक्षत की फेवरेट थी और उसने उस रात पहनी थी जब मीरा उस से पहली बार मिली थी !

मीरा ने उसे गले लगा लिया और आँखे बंद कर ली जैसे वो शर्ट नहीं बल्कि अक्षत हो !! अचानक मीरा को ना जाने क्या सूझी और उसने वो शर्ट पहन ली !! हालाँकि वो मीरा को थोड़ी बड़ी थी फिर भी मीरा ने उसे पहना और शीशे के सामने आ खड़ी हुई !! अपने प्रेमी की शर्ट पहनने की जो ख़ुशी होती है वो सिर्फ वही समझ सकता है जो प्यार में हो ! उस वक्त मीरा के चेहरे पर एक अलग ही नूर था ! उसने शीशे में खुद को देखते हुए अक्षत की नक़ल करते हुए कहना शुरू किया !


मेरे ही घर में आकर मुझे ही चोर समझ रही है , स्टुपिड
i just hate thankyou”
“मैंने अभी नशा करना शुरू नहीं किया है !”,
“मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है लोग मुझे इस तरह फालतू एडवाइज दे
“किसी ने कहा था ‘अदरक वाली चाय कॉफी से बेहतर होती है’ बस इसीलिए ट्राय करके देख रहा हु !”
“थैंक्यू बोलने से चीजे आम हो जाती है , और तुमने जो किया वो बहुत खास था !”

“उफ्फ्फ कितने पागल हो ना आप अक्षत ?”,मीरा ने शीशे में देखते हुए कहा ! अभी वह अक्षत की शर्ट पहन के कमरे में यहाँ से वहा तितली बनी उड़ रही थी की तभी राधा कमरे में किसी काम से आयी मीरा को ऐसे घूमते देखकर राधा ने हँसते हुए कहा,”अरे मीरा क्या हो गया ?”
राधा को वहा देखते ही मीरा की सीटी पिट्टी गुम हो गयी उसने जल्दी से अक्षत की शर्ट निकाली और उसे रखकर राधा के सामने आकर कहा,”क क कुछ नहीं आंटी , आप कहिये आप यहाँ ?


“हां वो अर्जुन की शादी अच्छे से हो जाये इसके लिए दर्शन करने सभी शिव मंदिर जा रहे है , तुम चलोगी ?”,राधा ने कहा
“हां , हम अभी आते है !”,मीरा ने कहा तो राधा उसे जल्दी आने का बोलकर चली गयी !
कुछ देर बाद मीरा निचे आयी और सबके साथ मंदिर के लिए निकल गयी ! दादू और विजय घर पर ही रुक गए , अर्जुन गाड़ी चला रहा था दादी माँ उसकी बगल में थी ! मीरा निधि और राधा पीछे निधि मीरा को कुछ बताने में लगी थी और राधा की आँखों के सामने बार बार मीरा का हँसता चेहरा आ रहा था जब वो अक्षत की शर्ट पहनकर कमरे में घूम रही थी !

सहसा ही राधा मुस्कुरा उठी ! गाड़ी मंदिर के सामने पहुंची शाम हो चुकी थी सभी अंदर चले आये राधा ने पूजा की थाली पंडित जी को दी और अर्जुन नीता के नाम से पूजा करने को कहा ! निधि अर्जुन और मीरा मंदिर की परिक्रमा काट रहे थे ! दादी माँ दीपक जला रही थी ! पंडित जी ने पूजा करके थाली राधा को देते हुए कहा,”चिंता मत कीजिये सब शुभ होगा !”


तभी अर्जुन , मीरा और निधि भी आ गए उन्होंने पंडित जी को नमस्ते की पंडित जी ने उन सबको तिलक किया , प्रशाद दिया लेकिन जैसे ही मीरा को तिलक किया उनके होंठो पर मुस्कराहट तैर गयी और उन्होंने कहा,”क्या नाम है तुम्हारा बिटिया ?”
“जी मीरा राजपूत !”,मीरा ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया !
“तुम्हारा नसीब बहुत भाग्यशाली है बिटिया , जिस घर में भी जाओगी खुशियों से भर दोगी”, पंडित जी ने उसके सर पर हाथ रखते हुए कहा ! पंडित जी की बाते सुनकर मीरा को अच्छा लगा !

सभी घर चले आये , रात का खाना खाकर मीरा और निधि कमरे में चले आये , निधि अपने लेपटॉप में बिजी हो गयी ओर मीरा शॉल कंधो पर डाले बालकनी में आकर खड़ी हो गयी !
रात के 10 बज रहे थे मीरा बालकनी में खड़ी रात के उस खामोश पहर को देख रही थी ! अक्षत के साथ बिताया वक्त उसकी आँखों में सामने एक फिल्म की तरह चल रहा था , उसका मीरा को परेशान करना , मीरा से बार बार टकराना , अक्षत का उसकी केयर करना सब मीरा को बहुत याद आ रहा था !

उसे याद आया की अक्षत ने उसके फोन में अपना नंबर सेव किया था ! मीरा अंदर जाकर अपना फोन ले आयी फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट जिसमे मुश्किल से 10-12 नंबर सेव होंगे , मीरा अक्षत का नंबर देख रही थी तभी उसकी नजर एक नाम पर जाकर ठहर गयी और वह मुस्कुरा उठी अक्षत ने अपना नंबर उसके फोन में “सडु” नाम से सेव किया था ! मीरा ने नंबर डॉयल किया फोन की रिंग के साथ ही उसकी धड़कने बढ़ती जा रही थी ! उधर अक्षर पुरे दिन पढ़ने में बिजी होने के कारण जल्दी सो गया था जब फोन बजा तो उसने बिना स्क्रीन पर नंबर देखे ही फोन उठाकर कान से लगा लिया और नींद में कहा,”हेलो !!”


मीरा के कानो में जब उसकी आवाज पड़ी तो एक सुकून उसे महसूस हुआ उसने अपनी आंखे मूंद ली और कहा,”हेलो !”
अक्षत नींद से त्रस्त (बेहाल) था उसे नहीं पता था फोन पर मीरा है उसने फिर नींद में ही कहा,”हम्म्म्म !”
“आप सो रहे है ?”,मीरा ने सवाल किया
“हम्म्म्म “,अक्षत ने कहा , नीद में उसकी आवाज और भी प्यारी लग रही थी , मीरा मुस्कुराने लगी और कहा,”ठीक है फिर आप सो जाईये !”


“ह्म्म्मम्म”,अक्षत ने कहा और वापस सो गया लेकिन सोने से पहले वह अपना फोन काटना भूल गया उसकी सांसो की आवाज मीरा को साफ सुनाई दे रही थी ! मीरा वही बैठकर ख़ामोशी से अक्षत की सांसो को सुनती रही ! जब ठण्ड का अहसास हुआ तो वह उठकर अंदर चली आयी फोन अब भी चालू था !
मीरा फोन को कान से लगाए ही सो गयी दोनों के फोन चालू थे और दोनों तरफ कोई शोर नहीं था बस एक दूसरे की सांसो का शोर था जो एक दूसरे के कानो में पड़ रहा था !!


सुबह जब अक्षत उठा तो देखा उसका फोन चालू था स्क्रीन पर नंबर देखा जिसकी कॉल टाइमिंग घंटो में दिखा रहा था अक्षत के पास मीरा का नंबर नहीं था इसलिए वो जान नहीं पाया उसने फोन काटा और वही नंबर रिडायल किया ! उधर मीरा के कान के पास जैसे ही फोन बजा वह एकदम से उठकर बैठ गयी और फोन उठाकर कहा,”हेलो !!
अक्षत ने जैसे ही मीरा की आवाज सुनी हैरान रह गया और कहा,”मीरा तुम , मतलब तुमने फोन किया था , सॉरी मैं
“आप सो रहे थे !”,मीरा ने अक्षत की बात पूरी करते हुए कहा


“सॉरी मैं सो गया था शायद !”,अक्षत ने धीरे से कहा
“कोई बात नहीं , आपकी एग्जाम कब है ?”,मीरा ने कहा
“आज ही है , अभी उठा हु फिर यूनिवर्सिटी जाना है !”,अक्षत ने आँखे मसलते हुए कहा
“बेस्ट ऑफ़ लक”,मीरा ने कहा
“थैंक्यू !!”,अक्षत ने कहा
मीरा खामोश हो गयी अक्षत भी चुप दोनों आगे क्या कहे कुछ समझ नहीं आ रहा था ! तो अक्षत ही बोल पड़ा,”तुम्हारा हाथ कैसा है अब ?”


“ठीक है !”,मीरा ने कहा
“मैं नहाने जाऊ , लेट हो जाऊंगा”,अक्षत ने कहा
“हा जाईये !”,मीरा ने कहा !
“रखता हु , ख्याल रखना !”, अक्षत ने कहा
“हम आपके लिए प्रार्थना करेंगे की आपकी एग्जाम अच्छी हो और आपके अच्छे नंबर बने !”,मीरा ने कहा
अक्षत ये बात सुनकर मुस्कुरा उठा और कहा,”हम्म्म्म !!
मीरा ने फोन काट दिया आज दोनों की सुबह की शुरुआत एक दूसरे की आवाज से हुई थी !

मीरा उठी और बाथरूम की और बढ़ गयी नहाने के बाद मीरा बाहर आयी ! सूट पहना और अपने गीले बालो को सुखाने लगी आज मुस्कराहट उसके होंठो पर जैसे बस सी गयी थी !! उधर अक्षत ने फोन रखा और नहाने चला गया उसने नीले रंग की शर्ट और सफेद जींस पहनी और बाहर आ गया ! तनु उसके और सोमित के लिए नाश्ता लगा चुकी थी ! अक्षत को देखते ही जीजू ने खिंचाई करते हुए कहा,”आशु बाबू पेपर देने जा रहे हो या किसी के साथ डेट पर ? मतलब इतना कातिलाना बनकर”


“जीजू सुबह सुबह क्या बोल रहे आप ? एंट्रेस देने जा रहा हु कम से कम आशीर्वाद दे दो !”,अक्षत ने कहा
“आप एक बार फिर टॉप करे ऐसा हमारा आशीर्वाद है !”,जीजू ने कहा
“बाते बाद में कीजियेगा , पहले नाश्ता करो और अक्षत को यूनिवर्सिटी छोड़ना है !”,तनु ने नाश्ता प्लेटो में रखते हुए कहा
“जी मेमसाहब , और कुछ ?”,जीजू ने कहा तो अक्षत और तनु दोनों हसने लगे !!

नाश्ता करने के बाद अक्षत और सोमित घर से निकल गए ! अक्षत को यूनिवर्सिटी छोड़कर सोमित अपने ऑफिस निकल गया ! अक्षत अंदर गया अपना रोल नंबर चेक किया और जाकर अपनी कुर्सी पर बैठ गया यहाँ से आज उसकी एक नयी शुरुआत होने वाली थी !! अक्षत ने पेपर किया और बाहर चला आया जीजू को फोन किया तो उन्होंने 10 मिनिट में आने का कहा ! अक्षत ने फोन वापस जेब में रख लिया और जाकर एक बेंच पर बैठ गया ! सामने बड़ा सा पार्क था जहा बहुत से बच्चे खेल रहे थे ! अक्षत ने जेब से फोन निकाला और उसमे मीरा की तस्वीरें देखने लगा !

इस वक्त वह उसे बहुत मिस कर रहा था तभी एक बॉल अक्षत के पास आयी अक्षत ने देखा एक छोटी बच्ची उसके पास ही चली आ रही थी उसे प्यारी सी आवाज में कहा,”पास द बॉल प्लीज !”
अक्षत को वह बड़ी प्यारी लगी अक्षत उसे देखकर मुस्कुराया और कहा,”कम हियर !”
बच्ची उसके पास चली आयी तो अक्षत ने बड़े प्यार से कहा,”व्हाट्स योर नेम ?
‘मीरा शर्मा”,बच्ची ने कहा


मीरा नाम सुनते ही अक्षत के सामने मीरा का चेहरा सामने आ गया और वह बच्ची को देखकर सोचने लगा,”मेरी मीरा भी बचपन में ऐसी ही रही होगी ना क्यूट सी , प्यारी सी”
“अंकल बॉल प्लीज़ !”,बच्ची की आवाज से अक्षत की तंद्रा टूटी तो अक्षत ने बॉल उसे थमा दी और कहा,”आप बहुत क्यूट हो बेटा , बिल्कुल मेरी मीरा की तरह !”
“आपकी मीरा ?”,बच्ची ने कहा


“हां मेरे पास भी एक क्यूट सी मीरा है , जो की मेरे घर में ही रहती है ! आप देखोगे ?”,अक्षत ने कहा
बच्ची ने हां में गर्दन हिला दी तो अक्षत ने उसे मीरा की तस्वीर दिखाई बच्ची नई मुस्कुरा कर कहा,”ये बहुत सुंदर है
“हां बहुत !”,अक्षत ने ठंडी आह भरते हुए कहा !
बच्ची अक्षत के पास आयी उसे निचे झुकने को कहा तो अक्षत निचे झुका बच्ची ने उसके गाल पर किस किया और कहा,”आप भी बहुत स्वीट हो अंकल”


अक्षत शरमा गया और अपने गाल पर हाथ लगा लिया ! बच्ची अपनी बॉल लेकर चली गयी तभी जीजू आये और कहा,”ये दुल्हन की तरह क्यों शरमा रहे हो ?
“अरे जीजू आप कब आये ?”,जीजू की आवाज सुनकर अक्षत उनकी और पलटा !
“मुझे आये 32 साल हो चुके , दुनिया में !”,जीजू ने कहा !
“क्या जीजू आप भी ? अब चलो !”,अक्षत ने कहा और दोनों गाड़ी की और बढ़ गए !!

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संजना किरोड़ीवाल

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